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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 09, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

मधेशी मसला हल करने के बाद ही भारत आएंगे ओली

By Sachin MishraEdited By:
Published: Sat, 09 Jan 2016 07:55 AM (IST)Updated: Sat, 09 Jan 2016 08:06 AM (IST)

नेपाल के पीएम केपी शर्मा ओली फरवरी के दूसरे पखवाड़े में नई दिल्ली आएंगे।

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नई दिल्ली। अब यह तय हो गया है कि नेपाल के पीएम केपी शर्मा ओली की पहली विदेश यात्रा भारत ही होगी। ओली अगले महीने यानी फरवरी के दूसरे पखवाड़े में नई दिल्ली आएंगे। तब तक नेपाल में पिछले छह महीने से चल रहे मधेशी आंदोलन का हल निकलने के आसार हैं। दरअसल, ओली इस आंदोलन का हल निकलाने के बाद ही भारत आएंगे।

विदेश मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि ओली जल्द से जल्द भारत की यात्रा करना चाहते हैं। पीएम नरेंद्र मोदी ने भी उन्हें भारत आने के लिए आमंत्रित किया है। लेकिन भारत सरकार की तरफ से उन्हें संकेत में बता दिया गया कि जब तक मधेशी आंदोलन का कोई नतीजा नहीं निकलता है, तब तक द्विपक्षीय यात्रा का कोई खास मतलब भी नहीं है।

दरअसल, भारत मधेशियों को यह संकेत नहीं देना चाहता कि वह नेपाल के साथ जो सख्त रवैया अपनाए हुए हैं, उसमें किसी तरह की नरमी आई है। सूत्र बताते हैं कि पीएम मोदी से ओली की टेलीफोन वार्ता के बाद नेपाल के रुख में काफी नरमी आई है। कुछ दिन पहले तक भारत से पहले चीन की यात्रा पर जाने की योजना बना रहे नेपाल के पीएम की तरफ से भी स्पष्ट किया गया है कि वह पहले भारत ही आएंगे।

सूत्र बताते हैं कि मधेशियों की छह मांगों में से चार मांगों को लेकर नेपाल की सरकार राजी हो गई है। दो ऐसी मांगें हैं, जिन पर आगे भी चर्चा की जा सकती है। नेपाल के संविधान में संशोधन के नए प्रस्तावों के आने के बाद वहां मधेशी लोगों ने आंदोलन शुरू कर रखा है। इसमें अभी तक 50 लोगों की जानें जा चुकी है। आंदोलन की वजह से भारत से ईंधन व अन्य सामान की आपूर्ति नहीं हो पा रही है, जिससे नेपाल में जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित हुआ है।

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