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    मुशर्रफ को थी ओसामा के छुपे होने की जानकारी

    पाकिस्तान के पूर्व सैन्य शासक परवेज मुशर्रफ को अलकायदा के पूर्व सरगना ओसामा बिन लादेन के ठिकाने की संभवत: जानकारी थी। ब्रिटिश पत्रकार कार्लोटा गाल ने यह रहस्योद्घाटन अपनी नवीनतम किताब 'द रांग एनेमी : अमेरिका इन अफगानिस्तान 2001-04' में सेवानिवृत्त पाकिस्तानी जनरल तलत मसूद के हवाले से किया है। त

    By Edited By: Updated: Mon, 31 Mar 2014 02:41 PM (IST)

    वाशिंगटन। पाकिस्तान के पूर्व सैन्य शासक परवेज मुशर्रफ को अलकायदा के पूर्व सरगना ओसामा बिन लादेन के ठिकाने की संभवत: जानकारी थी। ब्रिटिश पत्रकार कार्लोटा गाल ने यह रहस्योद्घाटन अपनी नवीनतम किताब 'द रांग एनेमी : अमेरिका इन अफगानिस्तान 2001-04' में सेवानिवृत्त पाकिस्तानी जनरल तलत मसूद के हवाले से किया है। तीन सौ पन्नों कि यह किताब आठ अप्रैल को बाजार में आएगी।

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    उन्होंने लिखा है कि अदालत मुशर्रफ काल के रहस्यों में से कुछ को सुलझा सकती है अगर इन मामलों को आगे बढ़ाने की अनुमति दी जाए। मुशर्रफ पाकिस्तान की अदालत में देशद्रोह के अलावा कई मुकदमों का सामना कर रहे हैं। गाल ने लिखा है कि मसूद ने उन्हें बताया था कि एक दिन वह इस्लामाबाद स्थित अपने घर में टीवी पर मुशर्रफ का साक्षात्कार देख रहे थे उस दौरान पूर्व सैन्य शासक ओसामा के बारे में बात कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने मसूद पर तोहमत मढ़ी कि पूर्व सेना प्रमुख को ओसामा के छिपे होने की जानकारी थी। उस समय उन्हें (मसूद) को लगा कि मुशर्रफ को ओसामा के बारे में पता था। मई, 2011 में अमेरिकी कमांडो ने ओसामा को उसके एबटाबाद स्थित घर में घुसकर मार डाला था। मसूद ने 9/11 हमले के बाद उस समय पाकिस्तान के राष्ट्रपति मुशर्रफ से उनकी आतंकवाद को समर्थन करने की नीति का त्याग करने को कहा था। किताब के मुताबिक मुशर्रफ ने तर्क दिया कि वह अलकायदा और कश्मीरी आतंकियों के बीच समर्थन को अलग-अलग श्रेणियों में रखते हैं। इस पर मसूद ने कहा कि वह अपने अनुभव से कह रहे हैं कि जिस तरह से वह श्रेणियों की बात कर रहे हैं वह संभव नहीं है। तब मुशर्रफ ने कहा था, 'हां, मुझे लगता है कि हमें तालिबान का समर्थन करना बंद करना चाहिए, लेकिन हम कश्मीर में जिहादियों का समर्थन करना जारी रखेंगे।'

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