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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 07, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

भारतीय राष्ट्रपति के पहले दौरे को लेकर इजरायल उत्साहित

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Published: Wed, 07 Oct 2015 06:26 PM (IST)Updated: Thu, 08 Oct 2015 04:36 AM (IST)

इजरायल ने भारत के राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की यात्रा को दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों में महत्वपूर्ण मील का पत्थर ...और पढ़ें

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यरुशलम। इजरायल ने भारत के राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की यात्रा को दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों में महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया है। उसने कहा है कि इससे दोनों की दोस्ती और मजबूत होगी। राष्ट्रपति मुखर्जी 13 अक्टूबर से तीन दिवसीय इजरायल यात्रा पर रहेंगे। यह किसी भारतीय राष्ट्राध्यक्ष की पहली इजरायल यात्रा होगी। इजरायल के साथ 1992 में भारत के राजनयिक संबंध स्थापित हुए थे।

राष्ट्रपति मुखर्जी के स्वागत के लिए यहां व्यापक तैयारियां की गई हैं। वह इजरालय के राष्ट्रपति रियूवेन रिवलिन, प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू, संसद के स्पीकर युली एडेलस्टीन और विपक्ष के नेता आइजक हर्जोग के साथ मुलाकात करेंगे और क्षेत्रीय एवं द्विपक्षीय मुद्दो पर चर्चा करेंगे। इजरालय के राष्ट्रपति ने कहा कि भारतीय राष्ट्रपति की आगामी यात्रा से अर्थव्यवस्था, विज्ञान, दवा और कृषि के क्षेत्र में दोनों देशों की दोस्ती गहरी होगी। उन्होंने कहा कि यह यात्रा इजरायल और भारत के लोगों की दोस्ती का प्रतिनिधित्व करेगी। हमें भारतीय राष्ट्रपति से मुलाकात का इंतजार है। राष्ट्रपति मुखर्जी अपनी छह दिवसीय पश्चिम एशिया की यात्रा के दौरान 13 से 15 अक्टूबर तक इजरालय में रहेंगे। 10 अक्टूबर से शुरू होने वाली यात्रा के दौरान वह पहले जॉर्डन और फलस्तीन जाएंगे।

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इजरायल यात्रा के दौरान भारत और इजरायल की दोस्ती के दुर्लभ भाव के रूप में मुखर्जी इजरायल की संसद केनेसेट के विशेष सत्र को संबोधित करेंगे। इसके अलावा उन्हें हिबू्र यूनिवर्सिटी से डॉक्टरेट की मानद उपाधि प्रदान की जाएगी। मुखर्जी की यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब इजरायली सुरक्षा बलों और फलस्तीनियों के बीच संघर्ष तेल अवीव क्षेत्र के नजदीक तक पहुंच गया है।

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