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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 21, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

बांग्लादेश में खालिदा के बेटे को सात साल कैद की सजा

By Gunateet OjhaEdited By:
Published: Thu, 21 Jul 2016 05:48 PM (IST)Updated: Thu, 21 Jul 2016 05:52 PM (IST)

हाई कोर्ट की दो सदस्यों वाली बेंच ने बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के उपाध्यक्ष तारिक रहमान को सजा सुनाई है।

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ढाका, प्रेट्र। बांग्लादेश में विपक्ष के नेता और पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के बेटे तारिक रहमान (48) को गुरुवार को मनी लाड्रिंग (विदेश से धन के अवैध लेन-देन) के मामले में हाई कोर्ट ने सात साल कैद की सजा सुनाई। 2.5 मिलियन डॉलर (16.80 करोड़ रुपये) धनराशि के लेन-देन का यह मामला वस्तुत: एक रिश्वत कांड से जुड़ा हुआ है। इसमें निचली अदालत ने तारिक को बरी कर दिया था।

हाई कोर्ट की दो सदस्यों वाली बेंच ने बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के उपाध्यक्ष तारिक रहमान को सजा सुनाई है। कोर्ट ने उन पर 200 मिलियन टका (करीब 17 करोड़ रुपये) का अर्थदंड भी लगाया है। मामला 2003 से 2007 के बीच सिंगापुर से धनराशि के अवैध लेन-देन का है, उस समय बांग्लादेश में बीएनपी के नेतृत्व वाली सरकार थी। हाई कोर्ट ने कहा, बार-बार समन भेजने के बावजूद तारिक अदालत में पेश नहीं हुए। इसलिए उन्हें भगोड़ा भी घोषित किया गया। वह सन 2007 से लंदन में रह रहे हैं।

इससे पहले 17 नवंबर, 2013 को दिए फैसले में ढाका की निचली अदालत ने तारिक को रिश्वत मामले से बरी कर दिया था लेकिन उसी मामले में कारोबार सहयोगी ग्यासुद्दीन अल मामून को सात साल की सजा और 400 मिलियन टका (करीब 34 करोड़ रुपये) अर्थदंड की सजा सुनाई थी। हाई कोर्ट ने मामून की कारावास की सजा बरकरार रखी है लेकिन अर्थदंड को कम करके 200 मिलियन टका (करीब 17 करोड़ रुपये) कर दिया है।

तारिक रहमान पर 2004 में विपक्षी अवामी लीग की रैली पर ग्रेनेड हमला करवाने का भी मामला चल रहा है। इस हमले में 24 लोग मारे गए थे और पार्टी नेता शेख हसीना बाल-बाल बची थीं। अब देश की सत्ता पर अवामी लीग काबिज है। बांग्लादेश सरकार ने ब्रिटेन से तारिक रहमान के प्रत्यर्पण की मांग की है।

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