विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 12, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

20 साल से लाहौर जेल में बंद भारतीय किरणपाल की रहस्यमयी मौत

By Sachin BajpaiEdited By:
Published: Tue, 12 Apr 2016 12:57 AM (IST)Updated: Tue, 12 Apr 2016 04:43 PM (IST)

जासूसी के आरोप में 20 साल से पाकिस्तान की लाहौर जेल में बंद एक भारतीय की रहस्यमयी हालत में मौत ...और पढ़ें

News Article Hero Image

लाहौर । जासूसी के आरोप में 20 साल से पाकिस्तान की लाहौर जेल में बंद एक भारतीय की रहस्यमयी हालत में मौत हो गई। 50 साल का किरपाल सिंह 1992 में वाघा बॉर्डर पार कर पाकिस्तान चला गया था। वहां उसे जासूसी के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया।

किरपाल सिंह को बाद में पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में श्रृंखलाबद्ध धमाकों के केस में फांसी की सजा सुनाई गई थी। लाहौर की कोट लखपत जेल के एक अधिकारी ने बताया कि किरपाल सिंह सोमवार अल सुबह अपनी बैरक में मृत पाया गया। उसका शव पोस्टमार्टम के लिए लाहौर के जिन्ना अस्पताल भेजा गया है। किरपाल की मौत के बारे में जेल के अन्य कैदियों के बयान के लिए एक मजिस्ट्रेट को बुलाया गया था।

कोट लखपत जेल पुलिस थाने के प्रमुख नफीस अहमद ने बताया कि उसके प़़डोस की बैरक में बंद कैदियों ने बताया कि किरपाल ने सीने में दर्द की शिकायत की और उसके बाद उसका प्राणांत हो गया। जेल अधिकारियों ने पुलिस को शव अस्पताल भेजने के लिए बुलाया। मृत्यु का असली कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही सामने आएगा।

लाहौर हाई कोर्ट ने बरी कर दिया था
पंजाब के गुरदासपुर के रहने वाले किरपाल सिंह को लाहौर हाई कोर्ट ने बरी कर दिया था, लेकिन अज्ञात कारणों से उसकी फांसी की सजा खत्म नहीं की गई थी। किरपाल की बहन जागीर कौर ने बताया कि गरीबी के कारण उनका परिवार रिहाई के लिए आवाज नहीं उठा सका और कोई राजनेता इसके लिए आगे नहीं आया।

सरबजीत के बाद किरपाल
अप्रैल 2013 में एक अन्य भारतीय सरबजीत सिंह पर लाहौर की इसी जेल में कैदियों ने हमला किया था और उसके बाद उसकी मौत हो गई थी। उसे फैसलाबाद, मुलतान व लाहौर में बम धमाकों के आरोप में फंसाकर फांसी की सजा सुनाई गई थी।

बहन ने शव सौंपे जाने की अपील की

किरपाल सिंह की बहन जागीर कौर ने अपने भाई की मौत पर कहा कि हमने 24 साल तक उसका इंतजार किया। हमें नहीं मालूम कि उसकी मौत कैसे हुई। उन्होंने अपील करते हुए कहा कि कम से कम उन्हें उनके भाई का शव मिलना चाहिए।

अंतिम संस्कार के लिए मांगा किरपाल का शव

पाकिस्तान की जेल में हुई किरपाल सिंह की रहस्यमयी मौत के बाद उनके भतीजे ने अश्विनी कुमार ने पाकिस्तान जेल प्रशासन से किरपाल सिंह के शव की उन्हें सौंपने की गुजारिश की है, ताकि किरपाल सिंह के शव का अंतिम संस्कार हो सके।