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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 13, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

भारत, चीन और मध्य पूर्व में बढ़ रहा है रक्षा खर्च

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Published: Mon, 13 Jan 2014 04:23 PM (GMT+05:30)Updated: Mon, 13 Jan 2014 04:34 PM (GMT+05:30)

विश्व के कई देशों में रक्षा खर्च बढ़ रहा है। इनमें मध्य पूर्व के देश, भारत, चीन, रूस, दक्षिण कोरिया, ...और पढ़ें

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दुबई। विश्व के कई देशों में रक्षा खर्च बढ़ रहा है। इनमें मध्य पूर्व के देश, भारत, चीन, रूस, दक्षिण कोरिया, ब्राजील और जापान प्रमुख हैं। प्रख्यात सलाहकार फर्म डेलॉइट की ओर से यह जानकारी दी गई है।

डेलॉइट के नए पूर्वानुमान '2014 ग्लोबल एयरोस्पेस एंड डिफेंस आउटलुक' में कहा गया है कि यह स्थिति तब है जब आम तौर पर वैश्विक रक्षा खर्च कम हो रहा है। इसके मुताबिक रक्षा खर्च कम होने का कारण इराक और अफगानिस्तान में संघर्ष कम होना है। इसके अलावा परंपरागत रूप से सैन्य शासन वाले देशों में खर्च वहन कर सकने की चिंता भी सैन्य खर्च में कमी का प्रमुख कारण है।

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रिपोर्ट के मुताबिक रक्षा खर्च बढ़ाने वाले कई देशों ने अपनी सेना को आधुनिक प्रौद्योगिकी से लैस करने के लिए राशि खर्च की है। इनमें से कुछ देशों को अपनी सीमाओं पर खतरा महसूस होता है। इन स्थितियों के कारण रक्षा खर्च में वृद्धि होती है। दूसरी तरफ वाणिज्यिक विमानन क्षेत्र द्वारा एक बार फिर विमानों के उत्पादन में रिकॉर्ड बनाए जाने की संभावना है। ऐसा इसलिए है क्योंकि पुराने विमानों की जगह अगली पीढ़ी के कम ईंधन खपत करने वाले विमानों का प्रयोग बढ़ रहा है। इसके अलावा खास तौर से मध्य पूर्व और एशिया प्रशांत क्षेत्र के देशों में यात्रियों द्वारा हवाई यात्रा की मांग में वृद्धि हुई है।

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