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    बचपन से लेकर अब तक खूब खाया Parle-G, लेकिन कितना जानते हो इसके बारे में

    By Abhishek Pratap SinghEdited By:
    Updated: Wed, 03 Aug 2016 11:15 AM (IST)

    पारले- जी इसका नाम तो सुना ही होगा और ये भी सुना होगा कि इस बिस्किट की फैक्ट्री जल्द ही बंद होने जा रही है लेकिन इस बिस्किट के बारे में ये बातें नहीं जानते होंगे जो हम बताने जा रहे

    हिंदुस्तानी लोगों और उनके दिलों पर राज करने वाला बिस्कुट ‘पारले-जी’ अब नहीं मिलेगा। इसका कुरकुरा स्वाद लोग नहीं ले पाएंगे। झोपड़ी से लेकर रईसजादों की पहली पसंद रहा पारले हमारे लिए अब एक सपना और गुजरे दौर की बात होगी।

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    कंपनी प्रबंधन ने हालांकि सिर्फ एक यूनिट बिलेपार्ले को बंद करने का फैसला लिया है, पर कल को सभी यूनिटें बंद की जा सकती हैं। हालांकि अभी यह कहना मुश्किल होगा कि पारले-जी, बिस्कुट की दुनिया से अलविदा हो जाएगा या फिर मिलता रहेगा।

    तो सबसे पहले जिस बिस्किट से हमारी पहचान कराई गई वो था अपना पारले- जी। चाय में डुबो-डुबो कर इसे खाने में कितना मजा आता था न! पर दोस्तों क्या आप लोगों को इस बिस्किट से सम्बंधित इन तथ्यों के बारे में पता है?

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    1. अगर पारले- जी की एक महीने की प्रोडक्शन से एक पुल जैसा बनाया जाए तो ये धरती से चांद तक की दूरी जो कि 725 लाख किमी है, को जोड़ सकता है। ये परियों की कहानियों जैसा पुल होगा।

    2. पारले प्रोडक्ट कंपनी 1929 में मुंबई के विले पार्ले में स्थापित की गई थी। यानी ये भारत से भी पुरानी है। शुरू में यहां ऑरेंज कैंडीज बनायी जाती थीं। अभी हाल ही में ये कम्पनी शट डाउन हो गई।

    3. 1939 से इस कंपनी ने बिस्कुट बनाने की शुरुआत की। और तब इन्हें पार्ले ग्लूको बिस्किट का नाम दिया गया।

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    4. 1996 से 2006 तक यानी लगभग एक दशक तक इस कंपनी ने अपनी कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया। जबकि इसके रॉ मैटेरियल्स जैसे आटा, चीनी, दूध आदि की कीमतें लगभग 150 परसेंट तक बढ़ीं।

    5. 2013 में पारले- जी 5000 करोड़ की बिक्री करने वाला पहला एफ़.एम.सी.जी. प्रोडक्ट बन गया।

    6. शुरू में इसका रेपर वैक्स-पेपर से बना हो सकता था। बाद में इसे प्लास्टिक पेपर में रैप किया जाने लगा और इस बात को दिखाने के लिए एक विज्ञापन भी बनाया गया जिसमें इसे फ़िश टैंक में पड़ा हुआ दिखाया जाता था। (मतलब कि पानी में डाल दो, गलेगा नहीं।)

    7. आप में से कईयों ने सुना होगा कि इसके पैकेट पर बनी वो छोटी लड़की नीरू देशपांडे नाम की एक लड़की थी जो कि अब 60 साल की हो गई हैं। ये बिलकुल झूठ है। इस छोटी लड़की का इलस्ट्रेशन 1960 में एवेरेस्ट क्रिएटिव्स ने किया था।

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    8. 4451 लोग इस समय पारले- जी खा रहे हैं। इतने लोग हर सेकंड पारले जी खाते हैं। हर महीने पारले- जी के लगभग 1 बिलियन पैकेट बनाए जाते हैं।

    10. इसका सबसे पहला टीवी कमर्शियल 1982 में बनाया गया था। आप में से कितनों को ये याद है?

    11. भारतीय रेलवे ने जब विज्ञापनों के लिए दरवाज़े खोले, तो मुंबई लोकल ट्रेन्स को सबसे पहले पारले- जी का विज्ञापन मिला।

    12. पारले- जी चीन की बिस्किट बनाने वाली सभी कम्पनीज से अधिक उत्पादन करता है, और चीन दुनिया का 4 सबसे अधिक उत्पादन (बिस्किट का) करने वाला देश है।

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