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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 01, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

दो दुल्हनों के बीच फंसा दूल्हा

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Published: Wed, 01 May 2013 11:37 AM (IST)

मेरे लिए ये दूल्हा ठीक नहीं। मैं इसके साथ जिंदगी की गाड़ी नहीं खींच सकती। एक दुल्हन यह कहते हुए ...और पढ़ें

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आगरा। मेरे लिए ये दूल्हा ठीक नहीं। मैं इसके साथ जिंदगी की गाड़ी नहीं खींच सकती। एक दुल्हन यह कहते हुए शादी से इन्कार कर दे तो मंडप में बैठा कोई भी दूल्हा मुश्किल में फंस सकता है। यहां ऐसा ही हुआ। ऐसे में परिजनों ने तुरंत दूसरा रास्ता निकाला।

मोहल्ले की एक दूसरी लड़की को शादी के लिए राजी किया। जब फेरे की बारी आई तो स्थिति और पेचीदा हो गयी। अचानक पहली दुल्हन का मूड बदल गया। अब एक मंडप, एक दूल्हा और दो दुल्हन हो गईं। दोनों दुल्हन फेरे को अड़ गयीं। स्थिति की जानकारी होने पर पुलिस दूल्हे को पकड़कर थाने ले आई। वहां कई घंटे चली पंचायत के बाद ही दूल्हे की किस्मत का फैसला हो सका।

शाहगंज के नगला छउआ निवासी संजीव (बदला नाम) की बरात सोमवार रात प्रकाश नगर आई थी। रात लगभग एक बजे फेरों से पहले दुल्हन ने शादी से इन्कार कर दिया। इससे बराती मुश्किल में फंस गए। दुल्हन पक्ष पर दबाव डालने को पंचायत शुरू हुई। इस बीच दुल्हन और उसकी मां बिना बताये मंडप छोड़कर चली गईं। स्थिति जगहंसाई की होती देख दूल्हे के परिजनों ने दूसरी वधु की तलाश शुरू की। उसी बस्ती की एक युवती से बिना दान दहेज शादी तय हो गई। आनन-फानन में नई दुल्हन मंडप में लाई गई। मंगलवार तड़के फेरों की रस्म शुरू होने वाली थी कि पहली दुल्हन भी वहां आ धमकी। उसने एलान कर दिया कि बरात मेरी आई है और दूल्हे के साथ फेरे लेने के लिए पहला हक उसका है। लड़के वालों के ना करने पर वह अड़ गई। वहीं दूसरी दुल्हन के परिजन भी अपनी बेटी संग फेरे दिलाने पर जम गए। मंडप में वरमाला लेकर आमने-सामने मौजूद दुल्हनों की जिद ने दूल्हे को असमंजस में डाल दिया। दोनों दुल्हन और दूल्हे के परिजनों में विवाद शुरू हो गया। कई घंटे तक चली पंचायत के बाद भी मामला नहीं सुलझा। मंगलवार सुबह आठ बजे पहली दुल्हन और उसके परिजनों ने पुलिस को बुलवा लिया। वह दूल्हे को थाने ले आई। दोपहर लगभग साढ़े तीन बजे तक भूखा-प्यासा दूल्हा थाने में बैठा रहा। थाने में दोनों पक्ष के बीच पंचायत के कई दौर चले, जिसके बाद दूसरी दुल्हन ने अपने कदम पीछे खींच लिए। आखिर दूल्हा भी पहली संग शादी को तैयार हो गया। इसके बाद ही वह थाने से बाहर निकल सका।

इंस्पेक्टर शाहगंज सतीश कुमार यादव का कहना है कि दोनों पक्षों के बीच राजीनामा हो गया है।

फेरे लो या जेल जाओ

पहली दुल्हन के साथ फेरे न लेने पर दूल्हे ने जेल जाने की नौबत आ गई थी, जिसके बाद ही उसने अपना फैसला बदला। लड़की पक्ष ने उसे शादी न करने पर रिपोर्ट दर्ज कराके जेल भेजने की धमकी दे दी थी।

समोसा खाकर दूल्हे ने काटा दिन

दूल्हे को 15 घंटे से ज्यादा भूखे रहना पड़ा। दिन में समोसा खाकर पेट भरा। वैसे सोमवार को उसने दिन में इसलिए कुछ नहीं खाया था कि रात में अति विशिष्ट मेहमान बनकर खाना खाएगा, मगर रात में खाने के समय दुल्हन के तेवरों ने उसके होश उड़ा दिए।

जागरण संवाददाता

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