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    आपको पता है...Google का जो Doodle है उसकी शुरूआत कब हुई और इसे बनाता कौन है?

    By Abhishek Pratap SinghEdited By:
    Updated: Thu, 05 May 2016 04:32 PM (IST)

    डूडल का नाम तो आपने जरूर सुना होगा। क्या आप बता सकते हैं कि डूडल बनाने के पीछे किसका हाथ है। समय-समय पर डूडल में बदलाव होते तो आपने देखा भी होगा।

    हम सभी अपनी लाइफ में गूगल का इस्तेमाल बहुत करते हैं इसके बिना कोई काम नहीं होता, जब भी किसी चीज की जानकारी चाहिए तो तुरंत गूगल करते हैं। इसके साथ ही कई बार आपने देखा होगा कि गूगल समय समय पर अपनी इमेज बदलता रहता है जिसे हम डूडल कहते हैं जो हमें याद दिलाता रहता है कि आज एक खास दिन है किसी का जन्मदिन, किसी की जयंती या कुछ और...लेकिन कभी आपने सोचा है कि इस डूडल की शुरूआत कैसे हुई और इसके बनाता कौन है?

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    वैसे डूडल बनाने वालों की टीम होती है, जो बहुत सक्रियता के साथ काम करती है। हम आपको बताते हैं कि इसकी शुरूआत किसने की और इस डूडल को बनाता कौन है?

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    डूडल शुरुआत 1998 में हुई थी। जब गूगल के संस्थापक लैरी पेज और सर्जेई ब्रिन बर्निंग मैन फ़ेस्टिवल में जा रहे थे। वो स्केच के ज़रिए लोगों को बताना चाहते थे कि वो दफ़्तर से बाहर हैं। इसी तरह डूडल की शुरुआत हुई। एक नोटिफिकेशन के तौर पर शुरू किया गया डूडल आज गूगल का बड़ा ब्रांड बन गया है। इससे गूगल हमेशा सुर्खियों में रहता है।

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    मिलिए डूडल के कर्ताधर्ता से

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    रेयान गर्मिक अमेरीका के रहने वाले हैं, उन्हें बचपन से ही ड्रॉइंग बनाने का शौक था। बचपन का ये शौक आज उनका करियर बन चुका है। कभी उनकी ड्रॉइंग की तारीफ उनके मां-बाप और भाई-बहन करते थे। जबकि आज दुनिया भर में करो़ड़ों लोग उनके मुरीद बन गए हैं।

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    डूडल में चित्रकारी और तकनीक का अनोखा संगम देखने को मिल रहा है। रेयान और उनकी टीम डूडल की बेहतरी के लिए दिन-रात मेहनत कर रहे हैं। उनके अंडर करीब दर्जन भर लोग काम करते हैं। जो गूगल के डूडल या उसके लोगों को बदल-बदल कर लोगों का ध्यान खींचने की कोशिश में लगे रहते हैं।

    डूडल बनाना आसान नहीं

    डूडल बनाना कोई मजाक नहीं होता है। इसके लिए डूडलर के अंदर कलाकारी और तकनीकी समझ का तालमेल होना सबसे ज़रूरी है। एक अच्छा डूडल तभी बन सकता है, जब लोग उसे सराहें।

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