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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 17, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

केरल से लापता युवक का आया मैसेज ‘हां, मैं आतंकी हूं’!

By Monika minalEdited By:
Published: Sun, 17 Jul 2016 09:25 AM (IST)Updated: Sun, 17 Jul 2016 03:30 PM (IST)

केरल से लापता हुए 15 युवकों में 23 वर्षीय मोहम्‍मद मारवान भी एक है। मारवान ने अपने परिवार को गत ...और पढ़ें

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कोझीकोड। ‘लोग मुझे आतंकी कह सकते हैं। यदि अल्लाह के नाम पर लड़ना आतंकवाद है तो 'मैं आतंकी हूं।‘ केरल के लापता युवकों में से एक ने यही मैसेज अपने परिवारवालों को किया है।

केरल से लापता हुए जिन 15 युवकों पर आइएस में शामिल होने का संदेह है मोहम्मद मारवान उनमें से एक है। यह मैसेज जून के अंतिम सप्ताह में टेलीग्राम एप के जरिए भेजा गया। साथ ही उसने यह दावा किया है कि उसने मैसेज आतंकी ग्रुप के नियंत्रण वाले क्षेत्र पश्चिम एशिया से भेजा है। खुफिया विभाग द्वारा अभी यह पुष्टि नहीं की गयी है कि युवक वास्तव में वहां है या नहीं।

मैसेज में मारवान ने दावा किया है कि कश्मीर, गुजरात और मुजफ्फरनगर में मुस्लिमों को आजाद कराने में आइएस की मदद कर वह वापस आ जाएगा। उसने लिखा है, ‘छोटे बच्चों समेत यहां मुस्लिमों को अमेरिका व रूसी बलों द्वारा बम के हमले में मारा गया है। मैं घर पर आराम से कैसे बैठ सकता हूं जब मुस्लिम समुदाय पर इस तरह हमला हो रहा है।‘

कुरान का हवाला देते हुए मारवान ने कहा, ‘अल्लाह पूछेंगे कि मैं क्या कर रहा था जब समुदाय पर अत्याचार हो रहा था। क्या पैगंबर ने हमें नहीं बताया है कि पूरा समुदाय एक है? समुदाय की रक्षा के लिए लड़ाई करना मेरा कर्तव्य है। अंग्रेजी अखबार में छपी खबर के मुताबिक परिस्थिति का विवरण करते हुए उसने कहा, ‘आइएस के नियंत्रण वाले क्षेत्रों की स्थिति बुरी है। आपके पास अच्छा घर, फ्रिज और कार है, लेकिन यहां के मुस्लिमों को देखें। यहां उनके पास बिजली भी नहीं क्योंकि इस्लाम के दुश्मनों ने हर चीज को ब्लॉक कर रखा है। लेकिन यहां के लोग संतुष्ट और खुश हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि अल्लाह उनके साथ है।‘

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मारवान ने यह भी कहा है कि वह क्या कर रहा इससे वह पूरी तरह अवगत है। किसी ने आइएस में शामिल होने के लिए नहीं बहलाया है। उसने लिखा, यदि मैं इस्लाम के लिए लड़ते हुए मारा गया तो मुझे शहीद का दर्जा मिलेगा। इन्हीं लापता युवकों में से डॉ. इजाज ने भी ऐसी ही सूचना वॉयस मेल के जरिए भेजा है।

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