यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 30, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
बेमौसम की बारिश से घटेगा गेहूं उत्पादन
अब तक गेहूं के रिकॉर्डतोड़ उत्पादन करने का दावा कर रही सरकार की ही एजेंसियां कहने लगी हैं कि बेमौसम ...और पढ़ें

नई दिल्ली । अब तक गेहूं के रिकॉर्डतोड़ उत्पादन करने का दावा कर रही सरकार की ही एजेंसियां कहने लगी हैं कि बेमौसम बारिश से पैदावार में गिरावट आएगी। करनाल स्थित गेहूं अनुसंधान निदेशालय की मानें तो चालू फसल वर्ष में गेहूं का उत्पादन बीते साल से दो फीसद कम रह सकता है। पिछले फसल वर्ष 2013-14 में देश में 9.58 करोड़ टन गेहूं का रिकॉर्ड उत्पादन हुआ था।
निदेशालय की प्रमुख इंदु शर्मा ने कहा कि यह बारिश ऐसे समय हो रही है जब पंजाब और हरियाणा जैसे प्रमुख उत्पादक राज्यों में फसल पकने में ज्यादा देर नहीं है। इस समय तेज हवाओं के साथ बारिश आने से गेहूं की फसल खेत में ही गिर जा रही है। इससे गेहूं उत्पादन तो घटेगा ही, उपज की गुणवत्ता भी खराब होगी। इतना ही नहीं, इसकी कटाई में भी 10-15 दिन की देरी हो सकती है। पहले ही 28 फरवरी से 16 मार्च के बीच कई बार हुई बेमौसमी बारिश और ओलावृष्टि से देश भर में 62 लाख हेक्टेयर रबी फसल खराब हो चुकी है।
