विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 19, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

लव जिहाद: निकाह के लिए दी यातनाएं, दिया मस्जिद की छत से धक्का!

By Edited By:
Published: Fri, 19 Sep 2014 08:30 AM (IST)Updated: Fri, 19 Sep 2014 10:29 AM (IST)

उस्मानपुर थाना क्षेत्र में हिंदू लड़की के दूसरे समुदाय के युवक से शादी करने का मामला सामने आया है। लड़की ...और पढ़ें

News Article Hero Image

नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। उस्मानपुर थाना क्षेत्र में हिंदू लड़की के दूसरे समुदाय के युवक से शादी करने का मामला सामने आया है। लड़की ने पुलिस को दिए गए बयान में कहा है कि लड़के ने पहले प्यार के जाल में फंसाया और फिर खुद को हिंदू बताकर शादी कर ली। लड़की मूलरूप से अलीगढ़ की रहने वाली है और लंबे समय से उत्तर-पूर्वी दिल्ली में रह रही है।

उस्मानपुर थाने में लव जिहाद को लेकर माहौल गर्म हो गया। मौके पर परिजनों के साथ कई हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता मामले में कार्रवाई की मांग पर डटे रहे। पुलिस के मुताबिक, लड़की ने अदालत में बयान दिया है कि उसने अपनी मर्जी से शादी की है। इसलिए मामला ही नहीं बनता। दूसरी ओर लड़की के परिजनों का आरोप है कि लड़के के घरवालों ने लड़की को धमकियों के जोर पर जबरन अदालत में बयान देने को मजबूर किया है। उनका कहना है कि स्कूल जाते समय अक्सर लड़का लड़की को परेशान करता था। 4 अप्रैल को लड़की स्कूल जाने के लिए बाहर निकली तो मेहंदी [19] ने दोस्तों के साथ उसे अगवा कर लिया। इसके बाद वे उसे बुलंदशहर के साथनी गांव ले गए। मस्जिद में निकाह के लिए ले जाने पर वहां के मौलवी ने लड़की को हिंदू जानकर निकाह पढ़ने से इन्कार कर दिया। इसके बाद घर के पास ही उससे जबरन निकाह किया गया। आरोप है कि लड़की के विरोध करने पर उसे मस्जिद की छत से धक्का दिया गया। इससे उसके पैर जख्मी हो गए। परिजनों का आरोप है कि निकाह के लिए लड़की को यातनाएं भी दी गई। इससे तंग आकर मौका देखकर वह बुधवार को दिल्ली स्थित घर भाग आई और परिजनों को आपबीती सुनाई। तत्काल इसकी सूचना पुलिस कंट्रोल रूम को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने लड़की को अपनी सुरक्षा में ले लिया है।

परिजनों का आरोप है कि लड़के के परिजन उसका वीजा बनवाकर उसे विदेश भेजने की जुगत में थे। स्थानीय हिंदू संगठनों और लड़की के परिजनों का आरोप है कि उस्मानपुर पुलिस मामले को गंभीरता से नहीं ले रही। पुलिस ने लड़की को मेडिकल के लिए तो भेज दिया, लेकिन इस मामले में मुकदमा दर्ज नहीं किया है। उत्तर-पूर्वी जिला के पुलिस उपायुक्त आरए संजीव का कहना है कि लड़की ने हाई कोर्ट और मजिस्ट्रेट के सामने दिए बयान में स्वीकार किया है कि शादी उसकी मर्जी से हुई है। वह अपना नाम भी परिवर्तित कर चुकी है।

शादी के बाद से पिता ने नहीं ली खबर

जबरन धर्म परिर्वतन कर किया निकाह