यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 08, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
नीतीश बोले, मोदी बिहार में नहीं होंगे चुनावी मुद्दा
नरेंद्र मोदी को लेकर राजग से अलग हुए बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि दिल्ली पर राज करने ...और पढ़ें

जागरण ब्यूरो, पटना। नरेंद्र मोदी को लेकर राजग से अलग हुए बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि दिल्ली पर राज करने वाले यानी प्रधानमंत्री बनने वाले को लोकतांत्रिक, खुले-विस्तृत दिमाग वाला, बर्दाश्त करने की क्षमता वाला होना चाहिए। वह समावेशी विकास का पक्षधर हो और पिछड़े क्षेत्रों के पुरजोर विकास की समझ रखे। वैसा आदमी जो सभी लोगों को एकजुट रखे और सबको आगे बढ़ाए। नीतीश ने भाजपा से तोड़ी गई अपनी दोस्ती को तार्किक बताया, तो इशारों में कांग्रेस को भी खूब समझाया-चेताया। उन्होंने बिहार को विशेष राज्य के दर्जा की पुरजोर वकालत की।
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नीतीश बुधवार को दिल्ली में एक निजी चैनल के कार्यक्रम में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी बिहार में चुनावी मुद्दा नहीं होंगे। हां, सपना देखने की मनाही नहीं है। कहा, अभी कांग्रेस से दोस्ती की बात काल्पनिक है। हां, अभी बिहार को विशेष राज्य का दर्जा मिल जाता है, तो केंद्र सरकार भी फायदे में रहेगी। इस मसले पर पिछड़े राज्यों की गोलबंदी भी हो सकती है।
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गुजरात और बिहार मॉडल के सवाल पर कहा कि 'हमने तो किसी मॉडल की चर्चा नहीं की। बस हमने प्रदेश को विकसित करने और लोगों को संपन्न बनाने का रास्ता चुना है। हम अपनी चुनौतियों से सीखते हैं। दाएं-बाएं नहीं देखते हैं।'
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उनसे पूछा गया कि यह विरोधाभास नहीं है कि आपको भाजपा पसंद है मगर नरेंद्र मोदी नहीं? नीतीश ने कहा, 'यह प्रश्न नहीं आरोप है। बिहार में हम न्यूनतम साझा कार्यक्रम के तहत सरकार चला रहे थे। नीतीश ने कहा कि मैंने कभी राजनीतिक सिद्धांत से समझौता नहीं किया।'
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