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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 09, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

कानपुर में आज फिर भड़की हिंसा, अघोषित क‌र्फ्यू लगाया गया

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Published: Wed, 09 Apr 2014 01:37 PM (IST)Updated: Wed, 09 Apr 2014 01:39 PM (IST)

कानपुर में रामनवमी की शाम जुलूस को लेकर हुए उपद्रव के बाद आज सुबह तक तनातनी जारी है। सुबह फिर ...और पढ़ें

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लखनऊ। कानपुर में रामनवमी की शाम जुलूस को लेकर हुए उपद्रव के बाद आज सुबह तक तनातनी जारी है। सुबह फिर कुछ लोगों ने शहर का माहौल बिगाड़ने की कोशिश की। उपद्रवग्रस्त इलाके सुंदरनगर में सुबह कुछ लोगों ने पथराव किया। रात में एक मंदिर के सामने आपत्तिजनक चीजें फेंकी गई। इससे दोनों पक्षों के लोग एक बार फिर आमने सामने आ गए। दोनो पक्षों के बीच टकराव की स्थिति पैदा होने से पहले पुलिस ने मामले को संभाल लिया है। इन मामलों में पुलिस ने कई उपद्रवियों को हिरासत में लिया हैं। एहतियातन पूरे इलाके में अघोषित क‌र्फ्यू लगा दिया गया है।

गौरतलब है कि कानपुर में कल रामनवमी जुलूस को लेकर दो वर्गो के बीच विवाद के बाद हालात बिगड़ गए। संघर्ष के दौरान मारपीट व पथराव में महिलाओं व बच्चे समेत एक दर्जन से ज्यादा लोग घायल हो गए। सूचना पर पहुंचे पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी दोनों पक्षों को शांत कराकर शाम को वापस लौट रहे थे कि दोबारा पथराव के साथ आगजनी शुरू हो गयी। इस पर पुलिस ने भीड़ को खदेड़ने के लिए लाठीचार्ज किया। बदले में गुस्साई भीड़ ने एसीएम-छह के वाहन में आग लगा दी और फायरिंग की। पत्थर के हमले में कई पुलिस कर्मी घायल हो गए। इसके बाद पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े व रबर बुलेट चलायी। देर रात तक क्षेत्र में तनाव देखते क्यूआरटी, आरएएफ, समेत भारी पुलिस बल तैनात किया गया था।

शोभायात्रा के रूट को लेकर हुआ बवाल

रामनवमी पर अपराह्न कानपुर के सुंदरनगर से शोभायात्रा निकल रही थी। जुलूस में कई युवक डीजे पर नाचते गाते चल रहे थे। इसी बीच शोभायात्रा का दूसरे पक्ष ने विरोध कर दिया। शोभा यात्रा के आयोजकों ने सैय्यद नगर की सड़क पर काफी गढ्डे होने और पानी भरा होने की बात कही, लेकिन दोनों पक्षों के बीच विवाद शांत होने के बजाय बढ़ गया।

कई बुजुगरें ने बीच बचाव करने का प्रयास किया, पर दोनों पक्षों से मारपीट शुरू होने के साथ पत्थरबाजी शुरू हो गयी। इससे इलाके में भगदड़ मच गई। झांकियों के साथ चल रहे बच्चे, युवक और घरों के बाहर खड़ी महिलाएं घायल हो गईं। सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारी कई थानों की फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस दोनों पक्षों को शांत कराकर मौके से हटाना चाहती थी, लेकिन भीड़ पीछे हटने को तैयार नहीं थी।

डीएम डा. रौशन जैकब और एडीएम सिटी अविनाश सिंह ने पुलिस अधिकारियों को साथ लेकर दोनों पक्षों को शांत कराया। अंत में बिना डीजे बजाए जुलूस के चार वाहनों को कड़ी सुरक्षा के बीच निकाला गया, जबकि बाकी को दूसरी गली से वापस कर दिया गया। देर शाम मामला निपटा कर पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी वापस लौट रहे थे, इसी दौरान भीड़ में शामिल कुछ युवकों ने फिर से पथराव कर दिया। इस पर पुलिस ने सख्ती दिखाई और लाठीचार्ज किया। बदले में गुस्साई भीड़ ने सरकारी गाड़ी में आग लगा दी।

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