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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 02, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

आइएस ने चार भारतीय आतंकियों के सिर काटे

By Rajesh KumarEdited By:
Published: Tue, 02 Feb 2016 03:14 AM (IST)Updated: Tue, 02 Feb 2016 08:14 AM (IST)

आइएसआइएस ने इराक में लड़ाई से भाग रहे अपने जिन लड़ाकों के सिर काट दिया है, उनमें चार भारतीय लड़ाके ...और पढ़ें

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जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। आइएसआइएस ने इराक में लड़ाई से भाग रहे अपने जिन लड़ाकों के सिर काट दिया है, उनमें चार भारतीय लड़ाके भी हैं। सुरक्षा एजेंसियां उनकी पहचान करने की कोशिश कर रही हैं। अभी तक यह साफ नहीं है कि ये लड़ाके भारत से इराक गए थे या खाड़ी देश में पहले से काम कर रहे और वहीं से आइएसआइएस में शामिल हो गए थे। अपने ही 20 लड़ाकों का सिर कलम करते हुए आइएसआइएस ने संदेश दिया है कि आगे भी मैदान छोड़कर भागने वालों को ऐसी ही सजा दी जाएगी।

गौरतलब है कि आइएसआइएस के कुछ आतंकी मोसुल शहर में भीषण लड़ाई से डरकर भाग रहे थे। लेकिन आइएसआइएस ने भागने की कोशिश कर रहे अपने ही आतंकवादियों को पकड़ लिया और सबके सामने उन्हें मौत के घाट उतार दिया। लड़ाई का मोर्चा छोड़कर भागने वाले इन आतंकियों को शुक्रवार को गिरफ्तार किया गया था और शरिया अदालत में उनके खिलाफ मुकदमा भी चलाया गया।

लेकिन एक दिन की सुनवाई में ही शरिया अदालत ने इन लड़ाकों को धोखाधड़ी का दोषी करार देते हुए उनके कत्ल का फैसला सुना दिया। इसके बाद इन सभी लड़ाकों को सार्वजनिक तौर पर सिर काट दिया गया।

भारतीय एजेंसियों के अनुसार आइएसआइएस में कुल 24 भारतीय शामिल हुए थे। जिनमें मुंबई का एक लड़का लौटने में सफल रहा था, जबकि पांच अन्य लड़ाई के दौरान पहले ही मारे जा चुके हैं। इन चार लड़ाकों के मारे जाने के बाद सीरिया में लड़ रहे भारतीय युवाओं की संख्या मात्र 14 रह गई हैं।