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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 19, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

खगोल अध्ययन करने वाला इसरो का उपग्रह तैयार

By Sachin BajpaiEdited By:
Published: Tue, 19 May 2015 07:25 PM (IST)Updated: Tue, 19 May 2015 07:38 PM (IST)

खगोलीय अध्ययन के लिए भारत का पहला कृत्रिम उपग्रह एस्ट्रोसेट बनकर तैयार है। इसरो इसका प्रक्षेपण साल के आखिर में करेगा।

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बेंगलुरु । खगोलीय अध्ययन के लिए भारत का पहला कृत्रिम उपग्रह एस्ट्रोसेट बनकर तैयार है। इसरो इसका प्रक्षेपण साल के आखिर में करेगा।

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने बताया कि सेटेलाइट के सभी अवयवों को जोड़ा जा चुका है। बारीकी से इसके तकनीकी पहलू परखे जा चुके हैं। पिछले सप्ताह इस अंतरिक्ष यान को पूरी तरह से असेंबल करके चालू कर दिया गया। ये सही तरीके से काम कर रहा है। आने वाले दिनों में यान से जुड़े अन्य परीक्षण भी किए जाएंगे। प्रक्षेपण के लिए श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र भेजे जाने से ये एकदम तैयार होगा। इसरो के मुताबिक यह उपग्रह अंतरिक्ष में पराबैगनी (अल्ट्रावायलट) और दृश्य किरणों के अलावा कम और अधिक ऊर्जा वाली एक्स-रे तरंगों का एक साथ अवलोकन कर सकता है। इस उपग्रह को पीएसएलवी सी-34 के जरिये अंतरिक्ष में भेजा जाएगा।

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