यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 07, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
चक्रवात की सटीक भविष्यवाणी चार से पांच दिन पहले संभव
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) चक्रवात की अग्रिम और सटीक भविष्यवाणी करने की दक्षता पाने के करीब है। ये संभव होगा ‘स्केटसेट-1’ नामक उपग्रह से।

अहमदाबाद। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) चक्रवात की अग्रिम और सटीक भविष्यवाणी करने की दक्षता पाने के करीब है। ये संभव होगा ‘स्केटसेट-1’ नामक उपग्रह से।
स्पेस एप्लीकेशन सेंटर (सेक)-अहमदाबाद के निदेशक तपन मिश्रा के अनुसार इस उपग्रह की मदद से चक्रवात की सटीक भविष्यवाणी चार से पांच दिन पहले संभव हो सकेगी।
अप्रैल-2016 में स्केटसैट-1 को लांच करने की तैयारी है। मिश्रा ने सेक निदेशक पद संभालने के बाद दिए पहले साक्षात्कार में ये खुलासा किया।
ये भी बताया कि- मंगलयान ने अब तक 800 से अधिक इमेजेस भेजी हैं, जिनका विश्लेषण चल रहा है। साथ ही अपनी प्राथमिकताएं बताते हुए कहा कि- वे यहां तैयार होने वाले सेंसर्स की गुणवत्ता में सुधार एवं विदेशी कलपुर्जों पर निर्भरता को घटा कर शून्य पर लाना उनका लक्ष्य है। अभी सेंसर्स में दो से 10 प्रतिशत कलपुर्जे विदेशी होते हैं।
