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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 25, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

अब ब्रांड आसाराम से साधकों का मोहभंग

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Published: Wed, 25 Sep 2013 08:38 AM (IST)Updated: Wed, 25 Sep 2013 08:39 AM (IST)

शाहजहांपुर दशकों में अध्यात्म जगत की सुर्खियों में रहने वाले आसाराम बापू के ब्रांड से भी साधकों का मोह भंग होने लगा है। अकेले शाहजहांपुर में ही

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शाहजहांपुर [जागरण संवाददाता]। शाहजहांपुर दशकों में अध्यात्म जगत की सुर्खियों में रहने वाले आसाराम बापू के ब्रांड से भी साधकों का मोह भंग होने लगा है। अकेले शाहजहांपुर में ही 80 फीसदी उत्पादों की मांग प्रभावित हुई है। बिक्री केंद्रों पर कतार की जगह अब सन्नाटा है। ऊपर से माल की आवक बंद है, जो माल दुकानों में लगा है उसको लेने भी कोई नहीं पहुंच रहा।

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शहर की बेटी से दुष्कर्म की घटना सामने आने से पहले तक शहर में आसाराम बापू ब्रांड के उत्पादों की भारी डिमांड थी। मंजन, तेल, आंवला, एलोबेरा का रस, गोमूत्र, केस निखार, नीम तेल, समेत तमाम औषधियों के साथ ही साबुन, तेल, चाय आदि आसाराम के साधकों के साथ ही आम लोग भी हाथों हाथ खरीदते थे। योग वेदांत सेवा समिति की ओर से एक गाड़ी शहर में भ्रमण पर रहती थी। इस गाड़ी पर खरीद के लिए लंबी कतार लग जाती थी। रुद्रपुर आश्रम में भी सामान की खरीद के लिए लाइन लगी रहती थी। शहर के सदरबाजार स्थित बोस पान भंडार और चौक में छोटे पनीर वाले के यहां आसाराम ब्रांड के उत्पादों की जमकर बिक्री होती थी।

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दुष्कर्म प्रकरण में आसाराम के जेल जाने और तमाम 'सच' आने के बाद लोगों का आसाराम ब्रांड उत्पादों से मोहभंग हो गया है। बोस पान भंडार के स्वामी ने बताया कि वह प्रतिमाह 25 से 35 हजार के सामान की बिक्री कर लेते थे, लेकिन जोधपुर प्रकरण के बाद पांच हजार की भी बिक्री नहीं होती। यही हाल चौक के बिक्री केंद्र का है।

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