यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 19, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
केजरीवाल की 'आप' सरकार दागी अधिकारी पर मेहरबान
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सरकार में स्वच्छ छवि के अधिकारियों की तैनाती के निर्देश दिए हैं, बावजूद इसके प्रशासनिक अमले ...और पढ़ें

नई दिल्ली। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सरकार में स्वच्छ छवि के अधिकारियों की तैनाती के निर्देश दिए हैं, बावजूद इसके प्रशासनिक अमले ने सरकार में दागी अधिकारी नियुक्त किए हैं। दानिक्स कैडर के दागी अधिकारी जी. सुधाकर को ऊर्जा मंत्री सत्येंद्र जैन का सचिव बनाया गया है।
मंत्री के सभी महत्वपूर्ण कार्यो को आगे बढ़ाने से लेकर उन्हें क्रियान्वित करने की जिम्मेदारी सुधाकर पर है। जबकि भ्रष्टाचार के एक मामले में दोष साबित होने पर सीबीआइ उनके खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। वर्ष 1999 में सदर बाजार के एसडीएम रहते हुए सुधाकर भ्रष्टाचार के एक मामले में सीबीआइ की जांच में दोषी साबित हुए थे। उनके मामले की विभागीय जांच का मुकदमा रिफरेंस नंबर सीओएम/ डीएलआइ/ एसीबी/1999/144 है।
सीबीआइ ने जांच के पहले चरण में दोषी पाए जाने पर 16 दिसंबर 1999 को उनके खिलाफ मेजर पेनाल्टी लगाए जाने की सिफारिश की थी तथा 25 अप्रैल 2000 को उनके खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। इस मामले में कार्रवाई करने के लिए केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) ने केंद्रीय गृह मंत्रलय से स्वीकृति मांगी थी।
स्वीकृति मिलने के बाद सीवीसी ने 16 दिसंबर 2004 को उनकी दो साल की सेवा अवधि घटा देने के आदेश जारी किए थे। इसके विरोध में सुधाकर दिल्ली हाई कोर्ट भी गए थे। मगर कोर्ट ने उनकी अपील पर सुनवाई नहीं की थी। ज्ञात हो कि गत 14 फरवरी को सरकार के विशेष सचिव (सर्विसेज) आशुतोष कुमार ने मंत्रियों के सचिव नियुक्त करने के आदेश जारी किए थे। जिसके बाद जी सुधाकर को सत्येंद्र जैन का सचिव बनाया गया।
