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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 06, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

एसटीएफ ने पकड़ा नक्सलियों का जोनल कमांडर

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Published: Mon, 06 Jan 2014 09:20 PM (IST)Updated: Mon, 06 Jan 2014 09:27 PM (IST)

स्पेशल टास्क फोर्स [एसटीएफ] ने सोमवार को मेरठ से नक्सलियों के मध्य जोन, बिहार के कमांडर चंदन जी उर्फ चनारिक दास को गिरफ्तार कर लिया।

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लखनऊ, जागरण ब्यूरो। स्पेशल टास्क फोर्स [एसटीएफ] ने सोमवार को मेरठ से नक्सलियों के मध्य जोन, बिहार के कमांडर चंदन जी उर्फ चनारिक दास को गिरफ्तार कर लिया। पिछले साल बिहार के गया जिले मे विस्फोट कर सीआरपीएफ के डिप्टी कमांडर समेत सात लोगों को उड़ाने के आरोपी चंदन की बिहार और झारखंड पुलिस तलाश कर रही थी। तीन वर्षो से जोनल कमांडर का पद संभाल रहे इस हार्डकोर नक्सली की गिरफ्तारी पर यूपी के डीजीपी रिजवान अहमद ने एसटीएफ टीम को पचास हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की है। चंदन जी तीन बड़े मामलों में वांछित था।

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सोमवार को पुलिस महानिरीक्षक कानून-व्यवस्था अमरेंद्र कुमार सेंगर ने पत्रकारों को चंदन की गिरफ्तारी का ब्योरा दिया। बिहार के गया जिले के एसएसपी ने चंदन की गिरफ्तारी के लिए यूपी पुलिस से सहयोग मांगा था। एसटीएफ ने अभिसूचना संकलन के दौरान यह जानकारी हासिल की कि चंदन दास पश्चिमी उत्तर प्रदेश में है। पता चला कि वह सोमवार को मुजफ्फरनगर के खतौली में बस से भैंसाली बस स्टैंड मेरठ आएगा। इस सूचना पर एएसपी राजेश कुमार सिंह और डीएसपी अनित कुमार की टीम ने चंदन जी उर्फ चनारिक दास को भंसाली बस स्टैंड से गिरफ्तार कर लिया।

चंदन के ग्रुप में असलहों का भंडार पूछताछ में चंदन ने बताया कि तीन साल से वह जोनल कमांडर है और 15-20 नक्सलियों के गु्रप में रहता था। उनके पास एके 47, एसएलआर, 30 स्प्रिंग, 315 बोर राईफल, पिस्टल व विस्फोटक पदार्थ और कारतूस हैं। आइजी से यह पूछा गया कि गिरफ्तारी में उसके पास कितने असलहे बरामद हुए तो उनका कहना था कि जब यह कोई घटना करते तो असलहे साथ ले जाते और घटना के बाद असलहों को संगठन में जमा कर देते हैं। इनके द्वारा पुलिस वालों की हत्या और असलहा लूटने की भी वारदात की गई।

पंजाब और दिल्ली में भी छिपा था चंदन

सीआरपीएफ के डिप्टी कमांडर की हत्या के बाद 2013 में भी उसने डुमरिया में विस्फोट का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। जब पुलिस ने तलाश तेज की तो वह छिपने के लिए पहले पंजाब तथा फिर दिल्ली में रहने लगा। इसके पहले उसने तमिलनाडु में भी फरारी काटी। उसे बिहार पहुंचकर एक सप्लायर से असलहों और विस्फोटकों एवं कारतूसों की बड़ी खेप लेनी थी। दिल्ली से होकर बिहार जाने वाला था तभी उसका सुराग एसटीएफ को मिल गया। उसके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

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