यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 01, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
श्रीलंकाई नौसेना ने गिरफ्तार किए 33 भारतीय मछुआरे
रामेश्वरम (तमिलनाडु)। श्रीलंकाई नौसेना ने अपने ही राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे की ओर से दिखाए गए सद्भाव को धता बताते हुए ...और पढ़ें

रामेश्वरम (तमिलनाडु)। श्रीलंकाई नौसेना ने अपने ही राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे की ओर से दिखाए गए सद्भाव को धता बताते हुए कच्चातिवु में 33 भारतीय मछुआरों को गिरफ्तार कर लिया। इनमें से चार मछुआरों को रविवार सुबह और 29 अन्य को शनिवार को गिरफ्तार किया गया।
गौरतलब है कि 26 मई को नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री पद के शपथ ग्रहण समारोह में शिरकत करने के लिए नई दिल्ली आने से पहले राजपक्षे ने 150 से ज्यादा मछुआरों की रिहाई की घोषणा की थी। राजपक्षे के इस सद्भावपूर्ण कदम को दोनों देशों के रिश्तों के लिए अहम माना गया था।
श्रीलंका के नक्शेकदम पर चलते हुए पाकिस्तान ने भी अपने यहां की जेलों में बंद मछुआरों की रिहाई का एलान किया था। मछुआरों की गिरफ्तारी के बाद तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखा है और इस संबंध में वह 3 जून को नई दिल्ली में उनसे मुलाकात भी करेंगी। मोदी के साथ यह उनकी पहली आधिकारिक भेंट होगी।
हालांकि, राजपक्षे के कारण वह मोदी के शपथ ग्रहण समारोह का बहिष्कार कर चुकी हैं। पुलिस के मुताबिक मछुआरों को कच्चातिवु के निकट कथित तौर पर अंतरराष्ट्रीय समुद्री सीमा के उल्लंघन के आरोप में गिरफ्तार किया। श्रीलंकाई नौसेना ने उनकी नौकाएं भी जब्त कर ली हैं। मछुआरों और उनकी नावों को तलाईमन्ना ले जाया गया है। मछुआरों के जालों को भी नष्ट किया गया है।
