यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 08, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
दिल्ली कांग्रेस में बगावत की चिंगारी
सूबे में सरकार भाजपा की बननी है और बगावत की चिंगारी कांग्रेस में सुलग रही है। जिस भाजपा को सरकार ...और पढ़ें

राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। सूबे में सरकार भाजपा की बननी है और बगावत की चिंगारी कांग्रेस में सुलग रही है। जिस भाजपा को सरकार बनानी है, वह आज तक अपना मुख्यमंत्री नहीं चुन पाई लेकिन कांग्रेस के कम से कम पांच विधायकों ने अपनी ओर से भाजपा का नेता भी चुन लिया और समर्थन देने का एलान भी कर दिया है। यह दीगर बात है कि वे जिसे समर्थन देकर मुख्यमंत्री बनवाना चाहते हैं, उसे भाजपा नेतृत्व राजगद्दी सौंपने में बीते चार महीने से आनाकानी कर रहा है।
फरवरी में केजरीवाल सरकार के इस्तीफा के बाद सूबे में सरकार बनाने की पहली कोशिश कांग्रेस के विधायकों के सहयोग से ही हुई थी। पार्टी के आठ में से छह विधायकों ने भाजपा विधायक रामवीर सिंह बिधूड़ी को मुख्यमंत्री बनाने की शर्त पर भाजपा को समर्थन देने का एलान भाजपा के एक बड़े नेता के सामने दो बार किया था। लेकिन जब भाजपा के कुछ नेताओं व आरएसएस ने मना कर दिया तो कांग्रेस विधायक प्रो. जगदीश मुखी को समर्थन देने को राजी हो गए। बशर्ते दूसरे नंबर पर बिधूड़ी रहें। प्रस्ताव पर सहमति बन गई थी लेकिन आखिरी वक्त में बात बिगड़ गई।
ये विधायक फिर खुलकर भाजपा सरकार की वकालत कर रहे हैं, हालांकि शर्त उनकी वही पुरानी है कि बिधूड़ी को मुख्यमंत्री की कुर्सी दे दी जाए। पार्टी के कुछ विधायकों ने मंगलवार को कहा कि भाजपा को सरकार बनाने की पहल करनी चाहिए। कांग्रेस के पांच विधायक आज भी समर्थन देने को तैयार हैं। आवश्यकता होने पर इनकी संख्या छह भी हो जाएगी।