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    शिवसेना ने देवयानी के पिता को लगाई फटकार

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    Updated: Tue, 14 Jan 2014 08:21 AM (IST)

    शिवसेना ने मराठी मीडिया को जातिवादी कहने पर भारतीय राजनयिक देवयानी खोबरागडे के पिता एवं पूर्व आइएएस अफसर उत्तम खोबरागडे को खरी-खोटी सुनाई। मुखपत्र सामना के संपादकीय में पार्टी ने इसे उनका 'मानसिक दिवालियापन' बताने के साथ ही उन्हें महाराष्ट्रद्रोही तक करार दे दिया है।

    मुंबई [जागरण न्यूज नेटवर्क]। शिवसेना ने मराठी मीडिया को जातिवादी कहने पर भारतीय राजनयिक देवयानी खोबरागडे के पिता एवं पूर्व आइएएस अफसर उत्तम खोबरागडे को खरी-खोटी सुनाई। मुखपत्र सामना के संपादकीय में पार्टी ने इसे उनका 'मानसिक दिवालियापन' बताने के साथ ही उन्हें महाराष्ट्रद्रोही तक करार दे दिया है।

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    गौरतलब है कि देवयानी के अमेरिका से लौटने के एक दिन पहले उनकेपिता ने दिल्ली में संवाददाता सम्मेलन बुलाया था। इसमें एक मराठी पत्रकार ने आदर्श हाउसिंग सोसायटी में उनका फ्लैट होने पर सवाल किया। इस पर वह भड़क गए और सवाल पूछने वाले मराठी पत्रकार समेत पूरे मराठी मीडिया को जातिवादी करार दे दिया।

    पढ़ें: सरकार चाहेगी तो फिर अमेरिका जाएगी बेटी: उत्तम खोबरागडे

    मुखपत्र सामना में मराठी मीडिया को जातिवादी बताने को देवयानी के पिता का 'मानसिक दिवालियापन' करार दिया है। पार्टी ने लिखा, 'यह मराठी मीडिया का कड़ा रुख ही था जिसके कारण अशोक चव्हाण को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने को मजबूर होना पड़ा या यूं कहें कि उनका पूरा राजनीतिक जीवन ही बर्बाद हो गया। इतना ही नहीं मीडिया ने पूर्व मुख्यमंत्री विलासराव देशमुख और सुशील कुमार शिंदे को भी नहीं बख्शा।' शिवसेना ने उत्तम खोबरागडे को महाराष्ट्रद्रोही भी कहा है। संपादकीय में लिखा गया कि महाराष्ट्र केदलितोद्धार आंदोलन में सर्वाधिक योगदान उच्चवर्णियों का ही रहा है। भारत रत्न बाबासाहब अंबेडकर ने भी कभी उच्चवर्णियों को अभियुक्त के कटघरे में खड़ा नहीं किया। पार्टी ने हैरानी जताई कि कैसे उत्तम खोबरागडे जैसा पढ़ा-लिखा व्यक्ति भी अब तक जातिवादी मानसिकता से ऊपर नहीं उठ सका। भारतीय प्रशासनिक सेवा के वरिष्ठ अधिकारी रहे उत्तम खोबरागडे दलित वर्ग से आते हैं। उन्होंने मराठी मीडिया के बहिष्कार की घोषणा करते हुए यह संकेत दिया था कि संपूर्ण मराठी मीडिया दलित विरोधी है।

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