यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 19, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
नसबंदी कराने वालों को ही मिले वोटिंग का अधिकारः शिवसेना
शिवसेना ने एक फिर मुसलमानों पर निशाना साधा है। मुसलमानों के मतदान के अधिकार पर पहले से विवादों में फंसी ...और पढ़ें

मुंबई। शिवसेना ने एक फिर मुसलमानों पर निशाना साधा है। मुसलमानों के मतदान के अधिकार पर पहले से विवादों में फंसी शिवसेना ने अपने मुखपत्र 'सामना' में एक और विवादित लेख लिखा है। शिवसेना के नेता संजय राउत ने अपने नए लेख में लिखा है कि उन लोगों को ही मतदान का अधिकार मिले जो परिवार नियोजन करवाते हैं।
संजय राउत ने लिखा है, कि राजनीतिक पार्टियां मुसलमानों को ही खुश करने में लगी रहती है। उन्होंने कहा कि अगर यह देश हिंदुओं का नहीं तो धर्मनिरपेक्षता की आड़ में मुगल राज भी नहीं आने दिया जाएगा। मुसलमान इस देश के दुश्मन नहीं, लेकिन मुस्लिम वोट बैंक की राजनीति देश को नुकसान पहुंचा रही है। देश में सिर्फ उन लोगों को मतदान का अधिकार मिलना चाहिए जो परिवार नियोजन करवाते हैं।
राउत ने नजमा हेपतुल्ला और मुख्तार अब्बास नकवी पर सवाल उठाने वाले असदउद्दीन ओवैसी पर भी कड़ी टिप्पणी की है। राउत ने लिखा है कि मुख्तार अब्बास नकवी और नजम हेपतुल्ला दोनों वंदे मातरम गाते हैं। गौरतलब है कि इससे पहले छपे एक अन्य लेख में राउत मुसलमानों से मताधिकार छीनने की मांग कर चुके हैं। हालांकि बाद में इस पर विवाद बढ़ने पर उन्होंने यू-टर्न ले लिया और कहा कि मीडिया ने उनकी बातों को गलत तरीके से पेश किया। राउत के लेख पर टिप्पणी करते हुए आवैसी ने कहा था कि क्या शिवसेना भाजपा सांसद मुख्तार अब्बास नकवी और नजमा हेपतुल्ला से भी मताधिकार छीनेगी।
