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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 11, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

कसूरी की किताब का बुक लॉन्‍च प्रोग्राम रद न हुआ तो करेंगे बवाल: शिवसेना

By Kamal VermaEdited By:
Published: Sun, 11 Oct 2015 08:40 AM (IST)Updated: Sun, 11 Oct 2015 01:55 PM (IST)

पाकिस्‍तानी गजल गायक गुलाम अली के बाद अब शिवसेना ने पाकिस्‍तान के पूर्व विदेश मंत्री खुर्शीद महमूद कसूरी की किताब ...और पढ़ें

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मुंबई। पाकिस्तानी गजल गायक गुलाम अली के बाद अब शिवसेना ने पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री खुर्शीद महमूद कसूरी की किताब विमोचन के कार्यक्रम को रद करने की मांग की है। शिवसेना ने ऐसा न करने पर कार्यक्रम में बाधा डालने की भी धमकी भी दी है। शिवसेना का कहना है कि पाक भारत में आतंकियों को भेजकर मासूमों की हत्या कर रहा है। ऐसे में वह इसकी इजाजत नहीं दे सकती है। इस कार्यक्रम के तहत कसूरी अपनी किताब ‘Neither a Hawk nor a Dove: An Insider’s Account of Pakistan’s Foreign Policy’ का विमोचन करने वाले हैं। यह कार्यक्रम 12 अक्टूबर को होना है।

इस बीच, संजय राउत ने कहा कि हमारा विरोध पाकिस्तान से है। पाक से आए किसी व्यक्ति से नहीं। गुलाम अली बड़े कलाकार हैं। गाना हम भी सुनते हैं। जब तक आतंकवाद समाप्त नहीं हो जाता, तब तक हम पाकिस्तान से अच्छे संबंध बनाए रखने के खिलाफ हैं।

पार्टी की सेना विभाग के प्रमुख आशीष चेंबूरकर ने इसके लिए नेहरू तारामंडल के डायरेक्टर को एक पत्र भी लिखा है। इसमें कहा गया है कि इस किताब विमोचन के कार्यक्रम को रद कर आयोजकों को इसकी समय पर सूचना दे दी जानी चाहिए। चेंबूरकर ने यहां तक कहा है कि नेहरू तारामंडल की तरफ से उन्हें यह भी बताया गया है कि उनकी मांग के अनुसार कार्यक्रम को रद करने की कोशिशें की जा रही हैं। उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए साफ कहा कि यदि ऐसा नहीं होता है तो वह कार्यक्रम को बाधा पहुंचाने में नहीं हिचकिचाएंगे।

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गौरतलब है कि इस किताब विमोचन के कार्यक्रम का आयोजना ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन (Observer Research Foundation) कर रहा है। हालांकि गजल गायक गुलाम अली के कार्यक्रम को रद करने की धमकी के बाद महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस ने कसूरी के कार्यक्रम में सुरक्षा बढ़ाए जाने की बात भी कही है। ओआरएफ के चेयरमेन सुधीद्र कुलकर्णी ने शिवसेना की मांग के बाद कहा कि इस कार्यक्रम को आयोजित करने के पीछे उनका उद्धेश्य दोनों देशों के बीच रिश्तों को सामान्य करना है। उनके मुताबिक जब कसूरी को इस कार्यक्रम के बारे में बताया गया था तब उन्होंने भी इसपर अपनी सहमति जताई थी। इस कार्यक्रम में इस किताब पर चर्चा भी होनी है, जिसमें बॉलीवुड एक्टर से नसीरुद्दीन शाह, वरिष्ठ पत्रकार दिलीप पडगांवकर और एजी नूरानी शामिल होंगे। कुलकर्णी के मुताबिक कसूरी यहां पर जिन्ना हाउस और मणि भवन भी देखने जा सकते हैं।