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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 04, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

बुखारी के कांग्रेस को समर्थन के एलान पर घमासान

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Published: Fri, 04 Apr 2014 03:40 PM (IST)Updated: Fri, 04 Apr 2014 03:41 PM (IST)

महंगाई और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर चौतरफा आलोचना से घिरी कांग्रेस पार्टी को चुनावी वैतरणी पार करने के लिए सहारा ...और पढ़ें

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नई दिल्ली [जागरण ब्यूरो]। महंगाई और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर चौतरफा आलोचना से घिरी कांग्रेस पार्टी को चुनावी वैतरणी पार करने के लिए सहारा मिल गया है। जामा मस्जिद के शाही इमाम सैयद अहमद बुखारी ने शुक्रवार को लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को समर्थन देने का एलान किया। बुखारी ने कहा कि देश के सामने भ्रष्टाचार से बड़ा खतरा सांप्रदायिकता है। इसलिए वह कांग्रेस का समर्थन कर रहे हैं। बुखारी ने मुसलमानों से आम चुनाव में कांग्रेस को वोट देने और धर्मनिरपेक्ष वोट न बंटने देने की अपील भी की। भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने कहा है कि चुनावों को सांप्रदायिक रंग देने की कांग्रेस की हर कोशिश नाकाम होगी।

बुखारी ने सपा और बसपा को अवसरवादी करार देते हुए क्षेत्रीय दलों को समर्थन देने को वोट बर्बाद करना करार दिया। बुखारी ने यह एलान कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के साथ उनकी मुलाकात के तीन दिन बाद किया है। कांग्रेस अध्यक्ष ने उनसे यह सुनिश्चित करने को कहा था कि इस बार चुनाव में धर्मनिरपेक्ष वोट न बंटें। बुखारी ने बिहार में लालू प्रसाद यादव के राजद और पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस को समर्थन देने की घोषणा की है। बिहार में राजद और कांग्रेस का गठबंधन है। बुखारी ने कहा कि देश को सांप्रदायिक ताकतों से खतरा है। हमें यह सुनिश्चित करना है कि धर्मनिरपेक्ष वोट विभाजित न हो जाएं। सांप्रदायिक ताकतें देश के विभाजन के लिए दिन-रात कोशिशें कर रही हैं। कांग्रेस के लिए बुखारी की यह घोषणा काफी अहम है। इससे पार्टी को उत्तर प्रदेश और बिहार में फायदा हो सकता है, क्योंकि वहां कई सीटों पर अच्छी खासी तादाद मुसलमानों की है।

2009 के चुनाव में भी कांग्रेस ने मुस्लिम बहुल सीटों पर अच्छा प्रदर्शन किया था। इस दौरान बुखारी के तेवर समाजवादी पार्टी के खिलाफ बेहद तीखे थे। उन्होंने मुजफ्फरनगर दंगों के लिए सपा को जिम्मेदार ठहराया और भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी के साथ उनके गुप्त रिश्तों की तरफ इशारा किया। कांग्रेस की इस कवायद पर राजनाथ ने कहा कि भाजपा वसुधैव कुटुंबकम की विचारधारा पर भरोसा करती है। ऐसे में कांग्रेस चुनावों के सांप्रदायिकरण में सफल नहीं हो पाएगी।

'कांग्रेस ने नरेंद्र मोदी और भाजपा की तर्ज पर कभी भी जनता से धार्मिक लाइन पर वोट देने की अपील नहीं की है।'-रणदीप सुरजेवाला, कांग्रेस प्रवक्ता

'कांग्रेस पार्टी बेहद दबाव में है। शाही इमाम के फरमान का अब कोई असर नहीं होने वाला है।'-अरुण जेटली, भाजपा नेता

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