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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 21, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

पंजाब में भी एक जज पर शोषण का आरोप

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Published: Sat, 21 Dec 2013 10:04 PM (IST)Updated: Sat, 21 Dec 2013 10:10 PM (IST)

धीरज कुमार झा, अमृतसर। अब यहां भी एक जज के खिलाफ शोषण का मामला सामने आया है। अमृतसर कोर्ट में ...और पढ़ें

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अमृतसर [धीरज कुमार झा]। अब यहां भी एक जज के खिलाफ शोषण का मामला सामने आया है। अमृतसर कोर्ट में तैनात एक चतुर्थ श्रेणी महिला कर्मचारी ने यहां सब जज रह चुके व्यक्ति पर शोषण का आरोप लगाया है। बाद में महिला को सस्पेंड कर दिया गया। इंसाफ के लिए महिला ने शनिवार को राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग का दरवाजा भी खटखटाया है। आयोग के उपाध्यक्ष डा. राजकुमार ने कहा कि वह फास्ट ट्रैक कोर्ट में केस चलाने के लिए हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर विनती करेंगे।

आयोग की शरण में आई चतुर्थ श्रेणी महिला कर्मचारी ने पत्रकारों को बताया कि आठ साल पहले पति की मौत के बाद तरस के आधार पर उसे कोर्ट में नौकरी मिली थी। 14 जून 2011 को अमृतसर की अदालत में तैनात एक सब जज ने उसे अपनी कोठी में बुलाया और मालिश करने को कहा तथा उसे दबोच लिया। वह लंच करने के लिए आए थे। किसी तरह वहां से बच निकलने के बाद महिला ने उच्च न्यायिक अधिकारियों से सब जज शिकायत की। बाद में वर्दी में ड्यूटी नहीं करने के आरोप के तहत उसे सस्पेंड कर दिया गया। उसका कहना है कि नौकरी जाने के बाद इंसाफ न मिलने से वह मानसिक शोषण का शिकार हो रही है। हालांकि इंसाफ के लिए वह हाईकोर्ट भी गई, जहां दो साल से सुनवाई जारी है। आज वह राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग का दरवाजा खटखटाया है।

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आयोग के उपाध्यक्ष डॉ. राजकुमार वेरका ने कहा कि बेशक यह मसला उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं आता, लेकिन मानवीय आधार पर वह शिकायतकर्ता का सहयोग करेंगे।

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