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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 27, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

हर्षवर्धन ने दी सफाई, यौन शिक्षा पर रोक का प्रस्ताव कभी नहीं किया

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Published: Fri, 27 Jun 2014 10:24 AM (IST)Updated: Sat, 28 Jun 2014 07:07 AM (IST)

स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने उन खबरों का खंडन किया है, जिनमें कहा गया है कि वे स्कूलों में यौन शिक्षा ...और पढ़ें

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नई दिल्ली। स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने उन खबरों का खंडन किया है, जिनमें कहा गया है कि वे स्कूलों में यौन शिक्षा दिए के विरोधी हैं। शुक्रवार को बयान जारी कर उन्होंने इस बारे में सफाई दी है। बकौल हर्षवर्धन, 'मैंने स्कूलों में यौन शिक्षा पर रोक लगाने का प्रस्ताव कभी नहीं किया है।'

स्वास्थ्य मंत्री मीडिया में प्रकाशित उन खबरों पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त कर रहे थे, जिसमें कहा गया है कि उन्होंने यौन शिक्षा पर प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव किया है। हर्षवर्धन के अनुसार, 'यौन शिक्षा को लेकर मेरी वेबसाइट पर जो विचार व्यक्त किए गए हैं, वह मेरे अपने हैं। लेकिन यह विचार मैंने 2007 में तत्कालीन संप्रग सरकार के किशोर शिक्षा कार्यक्रम के मद्देनजर व्यक्त किया था। जिस रूप में उसे लागू किया जा रहा था, उसका विरोध किया था।'

हर्षवर्धन ने कहा, 'मैं एक चिकित्सक हूं और तार्किकता में विश्वास करता हूं। मैं वैज्ञानिक और सांस्कृतिक रूप से स्वीकार्य शिक्षा का पुरजोर समर्थन करता हूं।' उनके अनुसार, 'कोई भी चीज जो हमारे मूल्यों और मान्यताओं को चोट पहुंचाती और कोई जिम्मेदार शख्सियत उसे प्रश्रय दे रही हो तो उसका विरोध होना चाहिए। उसके स्थान पर सर्वमान्य शिक्षण प्रक्रिया को अपनाया जाना चाहिए।' स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, 'हर देश में सामान्यतया मूल्य आधारित शिक्षा होती है और उन्होंने भी दिल्ली के स्कूलों में उसी तरह की शिक्षा की वकालत की थी।'

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