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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 04, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

जाट आंदोलन पर हरियाणा सरकार की नजर, 55 पैरामिलिट्री कंपनियां तैनात

By Sanjeev TiwariEdited By:
Published: Sat, 04 Jun 2016 08:08 PM (IST)Updated: Sun, 05 Jun 2016 08:06 AM (IST)

हरियाणा में आरक्षण की मांग को लेकर एक बार फिर जाट आंदोलन शुरू हो सकता है। हालांकि सरकार ने इसके ...और पढ़ें

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राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। हरियाणा के जाट एवं खाप नेताओं ने भले ही आंदोलन स्थगित करने का एलान कर दिया है। लेकिन जाट आरक्षण संघर्ष समिति के अध्यक्ष यशपाल मलिक का गुट आंदोलन की जिद पर अड़ा हुआ है। इसके मद्देनजर हरियाणा सरकार ने प्रदेश में 5500 अर्धसैनिक बलों की तैनाती के साथ सुरक्षा इंतजाम पुख्ता कर दिए हैं। गृह सचिव रामनिवास ने चेताया है कि शांति भंग की किसी को इजाजत नहीं दी जाएगी।

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इस बार कोई रियायत नहीं

मुख्यमंत्री मनोहर लाल दो दिन पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह से मुलाकात कर आंदोलन से निपटने का मंत्र लेकर आ चुके हैं। इस बार उपद्रवियों के प्रति किसी तरह की रियायत नहीं होगी। पहले ही राज्य की दुनियाभर में साख खराब हो चुकी है। आंदोलन के मद्देनजर सभी मंत्रियों, सांसदों और विधायकों के साथ-साथ न्यायाधीशों के आवास के आसपास सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं।

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18 स्थान संवेदनशील

प्रदेश में अर्धसैनिक बलों की 48 कंपनियां तैनात की जा चुकी हैं और सात कंपनियां शनिवार को पहुंच चुकी हैं। देर रात तक उन्होंने भी मोर्चा संभाल लिया। अकेले रोहतक जिले में अर्धसैनिक बलों की पांच कंपनियां तैनात की गई हैं। हिंसा की आशंका वाले रोहतक, झज्जर, सोनीपत, कैथल, हिसार, जींद, भिवानी और सिरसा व फतेहाबाद में सुरक्षा बलों को सतर्क कर दिया गया है। प्रदेश में दंगा आशंकित इलाकों में अर्धसैनिक बलों की ओर से नाकेबंदी कर दी गई है। पूरे प्रदेश में 18 जगहों पर रविवार को आंदोलन शुरू होने की आशंका है।

जाट महासभा शामिल नहीं

जाट महासभा के प्रदेश अध्यक्ष ओमप्रकाश मान ने कहा है कि सरकार हमारी बात मानने को तैयार है। इसलिए हम आंदोलन में भागीदारी नहीं कर रहे और काम पूरा करने के लिए सरकार को एक पखवाड़े का समय दिया गया है।

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