यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 10, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
पहले से तैयार थी तोमर की गिरफ्तारी की पटकथा
दिल्ली पुलिस ने आप सरकार के कानून मंत्री जीतेंद्र सिंह तोमर की गिरफ्तारी की पटकथा कई दिनों पहले तैयार कर ...और पढ़ें

फैजाबाद, [नवनीत श्रीवास्तव]। दिल्ली पुलिस ने आप सरकार के कानून मंत्री जीतेंद्र सिंह तोमर की गिरफ्तारी की पटकथा कई दिनों पहले तैयार कर ली थी। तोमर के खिलाफ बड़ी कार्रवाई से पहले साक्ष्य जुटाने के लिए दिल्ली पुलिस ने खामोशी से फैजाबाद में डेरा डाल रखा था।
दिल्ली पुलिस के अधिकारी सतिंदर सांगवान ने 24 मई को यहां आकर छानबीन की थी। उन्होंने दस बिंदुओं पर सूचनाएं जुटाई थीं, जिनमें प्रवेश, परीक्षा, अंकपत्र व उपाधि की वैधता समेत अन्य बिंदु शामिल थे।
ध्यान रहे, तोमर ने डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्र्वविद्यालय से संबद्ध साकेत महाविद्यालय से वर्ष 1988 में बीएससी करने का दावा किया था। सबसे पहले तोमर की फर्जी डिग्री का सच भी अवध विश्र्वविद्यालय से ही सामने आया।
जनवरी में ही विवि ने एक आरटीआइ के जवाब में तोमर की डिग्री को फर्जी करार दिया। आरटीआइ के जवाब में विवि ने बताया था कि तोमर के अंकपत्र पर अंकित रोल नंबर 31331 और डिग्री दोनों ही फर्जी है। इसका विवि से कोई लेना-देना नहीं है।
