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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 16, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

दुर्गा के निलंबन के खिलाफ दायर याचिका सुप्रीम कोर्ट में खारिज

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Published: Fri, 16 Aug 2013 07:59 AM (IST)Updated: Fri, 16 Aug 2013 02:00 PM (IST)

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को ग्रेटर नोएडा की पूर्व एसडीएम आइएएस दुर्गा शक्ति नागपाल के निलंबन को चुनौती देने वाली ...और पढ़ें

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नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को ग्रेटर नोएडा की पूर्व एसडीएम आइएएस दुर्गा शक्ति नागपाल के निलंबन को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज कर दिया। यह जनहित याचिका वकील मनोहर लाल शर्मा ने दायर की थी। इस याचिका में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा किए गए आईएएस दुर्गा के निलंबन और उनके खिलाफ की गई समस्त कार्रवाई को निरस्त करने की अपील की गई थी।

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इस याचिका में मनोहर लाल शर्मा ने उत्तर प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार को प्रतिवादी बनाया था। याचिका के अनुसार भारतीय प्रशासनिक सेवा की इस 28 वर्षीय अधिकारी के खिलाफ की गई कार्रवाई को राज्य सरकार की मनमानी, दुर्भावनापूर्ण और असंवैधानिक बताया था।

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गौरतलब है कि एसडीएम पद पर तैनात दुर्गा शक्ति नागपाल ने जिले में रेत माफिया के खिलाफ अभियान चला रखा था, जिसके चलते उन्हें निलंबित कर दिया गया था।

दुर्गा के निलंबन के बाद से इस पर अब सियासत भी गरमा रखी है। हालांकि एक के बाद बाते जो निकल कर सामने आ रही हैं वह उत्तर प्रदेश सरकार के खिलाफ ही जा रही हैं। सूबे के मंत्री के भाई ने इस बाबत एक टीवी पर खुलासा किया था कि दुर्गा का निलंबन रेत माफिया के चलते किया गया है। वहीं यूपी के ही एक अन्य मंत्री ने राज्य में कहीं भी अवैध खनन न होने की बात कही थी। जबकि इस बयान के कुछ दिन बाद ही ग्रेटर नोएडा में करीब पंद्रह ट्रकों को अवैध खनन के दौरान जब्त किया गया था।

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