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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 27, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

बंगाल में तेजी से हो रहा राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ संचालित शाखाओं का विस्तार

By Rajesh KumarEdited By:
Published: Mon, 27 Mar 2017 09:22 PM (IST)Updated: Tue, 28 Mar 2017 02:25 AM (IST)

पश्चिम बंगाल के आरएसएस मुख्यालय केशव भवन से जुड़े नेताओं की मानें तो संघ के लिए बीते पांच साल का समय सुनहरा पल साबित हुआ है।

बंगाल में तेजी से हो रहा राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ संचालित शाखाओं का विस्तार
बंगाल में तेजी से हो रहा राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ संचालित शाखाओं का विस्तार

जागरण संवाददाता, कोलकाता : पश्चिम बंगाल में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) का प्रभाव लगातार बढ़ रहा है। दावा किया गया है कि बीते पांच वर्षो में यहां संघ संचालित शाखाओं की संख्या में तीन गुना तक इजाफा हुआ है। इतना ही नहीं इस दौरान संघ संचालित स्कूलों की संख्या में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

पश्चिम बंगाल के आरएसएस मुख्यालय केशव भवन से जुड़े नेताओं की मानें तो संघ के लिए बीते पांच साल का समय सुनहरा पल साबित हुआ है। उनका कहना है कि एक समय था जब राज्य में गिने चुने ही संघ कार्यकर्ता थे, लेकिन अब वे दिन शेष नहीं बचे हैं। आज स्थिति यह है कि धीरे-धीरे ही सही राज्य में संघ की अच्छी पैठ बन गई है। उल्लेखनीय है कि 2014 में केंद्र में भाजपा की सरकार बनी, लेकिन यहां के नेताओं का कहना है कि इससे पहले यानी 2011 से ही राज्य में संघ की पकड़ मजबूत हो रही है। कहा गया है कि 2011 में यहां संघ की शाखाओं की संख्या 580 थी जो 2014 में बढ़ कर 1280 हो गई।

बीते दिसंबर तक यह संख्या 1492 तक जा पहुंची है। केवल संघ संचालित शाखाओं की संख्या में ही बढ़ोतरी नहीं हुई है, बल्कि संघ संचालित स्कूलों की संख्या में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। आंकड़े बता रहे हैं कि राज्य में संघ संचालित प्राथमिक स्कूलों की संख्या 309 है, जहां 3193 शिक्षक पढ़ाते हैं। इन शिक्षकों में पुरुष शिक्षकों की संख्या 1537 है। संघ संचालित स्कूलों में छात्रों की कुल संख्या 66090 है इनमें छात्राओं की संख्या 23067 है। 19 स्कूलों में माध्यमिक, उच्च माध्यमिक स्तर तक पढ़ाई होती है। गौर करने वाली बात है कि इन स्कूलों में से 15 स्कूलों को बीते पांच वर्षो के दौरान स्वीकृति मिली है।

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