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    रंजीत सिन्हा होंगे सीबीआइ के नए निदेशक

    By Edited By:
    Updated: Thu, 22 Nov 2012 11:12 PM (IST)

    बिहार कैडर के आइपीएस अधिकारी रंजीत सिन्हा सीबीआइ के नए निदेशक होंगे। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में हुई नियुक्ति संबंधी मंत्रिमंडलीय समिति ...और पढ़ें

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    नई दिल्ली [जागरण ब्यूरो]। बिहार कैडर के आइपीएस अधिकारी रंजीत सिन्हा सीबीआइ के नए निदेशक होंगे। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में हुई नियुक्ति संबंधी मंत्रिमंडलीय समिति [एसीसी] की बैठक में सिन्हा को नए निदेशक के लिए चुना गया। गुरुवार देर शाम सिन्हा की नियुक्ति की अधिसूचना जारी की गई। 1974 बैच के रंजीत सिन्हा फिलहाल भारत-तिब्बत सीमा पुलिस [आइटीबीपी] के महानिदेशक हैं। सिन्हा एक दिसंबर को सीबीआइ के नए निदेशक का पद संभालेंगे। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के मुताबिक सिन्हा अगले दो साल तक इस पद पर रहेंगे।

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    माना जा रहा है कि सिन्हा की नियुक्ति को एसीसी की हरी झंडी मिलने से दिल्ली पुलिस आयुक्त नीरज कुमार की केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण [कैट] में दी गई चुनौती कमजोर पड़ गई है। नीरज कुमार ने मुख्य सतर्कता आयुक्त की अध्यक्षता वाली समिति द्वारा बनाए गए पैनल को कैट में चुनौती दी थी। इस पैनल में नीरज कुमार का नाम शामिल नहीं था। कैट में मामले की सुनवाई शुक्रवार को होनी है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि रंजीत सिन्हा के चयन के बाद पैनल को चुनौती देने का मतलब नहीं है।

    सिवान जिले के मूल निवासी रंजीत सिन्हा मधुबनी, सहरसा और रांची में एसएसपी के साथ ही मगध रेंज के डीआइजी रह चुके हैं। वहीं सीबीआइ में संयुक्त निदेशक रहते हुए सिन्हा को कई हाईप्रोफाइल मामलों की सफल जांच का श्रेय दिया जाता है। आइटीबीपी में आने के पहले सिन्हा आरपीएफ में महानिदेशक तथा सीआरपीएफ में महानिरीक्षक रह चुके हैं।

    परिवार के आदर्श माहौल से बुलंदियों को छुआ

    जागरण ब्यूरो, पटना। देश की सर्वोच्च जांच एजेंसी की कमान संभालने जा रहे रंजीत सिन्हा की सफलता के पीछे उनके परिवार और उसके आदर्श माहौल का बहुत बड़ा योगदान रहा।

    सिन्हा, मूल रूप से चाप [जिला सिवान, बिहार] के रहने वाले हैं। उनके पिता एनएस सिन्हा कमर्शियल टैक्स विभाग के कमिश्नर थे। दादा रायबहादुर कैलाशपति नारायण आइसीएस थे। जाहिर तौर पर सिन्हा की बुलंदी में उनके परिवार तथा इसके आदर्श माहौल का बड़ा योगदान रहा। उन्होंने राममनोहर राय सेमिनरी स्कूल [पटना] से स्कूल की पढ़ाई पूरी की, फिर साइंस कॉलेज पहुंचे। पढ़ाई में अव्वल सिन्हा 1974 में आइपीएस करने वाले सबसे कम उम्र के अफसरों में से थे। 1976 में उनकी शादी जी नारायण [आइपीएस] की पुत्री रीना से हुई। उनके दो बच्चे हैं-रुद्राक्ष व रुद्राणी। गुरुवार को जैसे ही सिन्हा के सीबीआइ निदेशक बनने की खबर सार्वजनिक हुई, बिहार में उनके संबंधियों तक को शुभकामना संदेश मिलने लगे। पटना के राजेंद्रनगर रोड नंबर-2 स्थित उनके आवास पर खुशी का माहौल है।

    स्वभाव से बेहद सरल व गांव को जीने वाले सिन्हा के करियर की शुरुआत वीरपुर [सहरसा, अब सुपौल जिला] के एएसपी पद से हुई थी। 14 जुलाई, 1974 को उन्होंने प्रशासनिक सेवा में अपना योगदान देना शुरू किया था। उन्होंने एएसपी रांची, एसपी मधुबनी, एसपी सहरसा, रेल एसपी पटना, एसपी सुरक्षा, एसपी विशेष शाखा, डीआइजी गया के पद पर भी काम किया। वह 1991 में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर गए और 2001 में वापस हुए। इसी दौरान नई दिल्ली स्थित बिहार भवन में विशेष कार्य पदाधिकारी का पद सृजित करते हुए उन्हें तैनात किया गया। वह 2004 से भारत सरकार में हैं और सीबीआइ में लंबा समय गुजार चुके हैं। पशुपालन घोटाला के समय वह चर्चा में रहे। उन्हें कई पुरस्कार मिल चुके हैं। वह 31 मार्च, 2013 को अवकाश ग्रहण कर लेते मगर सीबीआइ के निदेशक के रूप में नियुक्ति का कार्यकाल दो साल का होने के कारण अब रंजीत सिन्हा 31 मार्च, 2014 तक काम कर सकेंगे।

    खास पदों पर बिहार के अधिकारी

    -राजकुमार सिंह : केंद्रीय गृह सचिव

    -अरुण चौधरी : डीजी, [सशस्त्र एसएसबी]

    -अनिल सिन्हा : अपर सचिव, केंद्रीय सतर्कता आयोग

    -एके उपाध्याय : सचिव, भूतल परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय

    -शशिकांत शर्मा : सचिव, रक्षा मंत्रालय

    -यूके सिन्हा : चेयरमैन, सेबी

    -अरविंद प्रसाद : महानिदेशक, फिक्की

    -एएनपी सिन्हा : सचिव, राजभाषा मंत्रालय

    -त्रिपुरारी शरण : महानिदेशक, दूरदर्शन

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