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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 15, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

राम मंदिर को मस्जिद बताकर गिराया : स्वरूपानंद

By Gunateet OjhaEdited By:
Published: Fri, 15 May 2015 01:23 AM (IST)Updated: Fri, 15 May 2015 04:43 AM (IST)

निरंकारी कॉलोनी स्थित श्री लक्ष्मीनारायण धाम में गुरुवार को आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में शंकराचार्य ने कहा कि राजनीतिक लाभ के ...और पढ़ें

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नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। अयोध्या में विवादित ढांचा गिराने की घटना को शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने राजनीतिक साजिश करार देकर एक नई बहस छेड़ दी है।

निरंकारी कॉलोनी स्थित श्री लक्ष्मीनारायण धाम में गुरुवार को आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में शंकराचार्य ने कहा कि राजनीतिक लाभ के लिए नेताओं द्वारा मंदिर को मस्जिद बताकर गिराया गया। वहां तो भगवान और मंदिर के अवशेष थे।

कोर्ट के निर्णय में भी यह बात साबित हो चुकी है कि उस जगह पर न तो कभी बाबर आया और न ही उसने मस्जिद बनाई। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद सभी शंकराचार्य और आचार्य मिलकर भगवान राम का भव्य मंदिर बनाएंगे।

हमें मंदिर बनाने के लिए सरकार की जरूरत नहीं है। महाराष्ट्र सरकार के गौ मांस के क्रय-विक्रय पर रोक लगाने के कानून की सराहना करते हुए उन्होंने पूरे देश में ऐसा कानून बनाने की बात कही। शंकराचार्य ने कहा कि भारत एक हिंदू राष्ट्र होने के बावजूद गौ मांस का सबसे बड़ा निर्यातक है। इसके लिए हमारी सरकार सब्सिडी भी देती है।

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