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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 06, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

यूपी विधानसभा चुनाव: सियासी दलों में नहीं दिखा महिला उम्मीदवारों को टिकट देने का उत्साह

By Sachin BajpaiEdited By:
Published: Mon, 06 Mar 2017 06:45 PM (IST)Updated: Wed, 08 Mar 2017 10:08 AM (IST)

चुनाव मैदान में किस्मत आजमा रहे कुल 535 उम्मीदवारों में से 528 का आकलन किया गया। इनमें सिर्फ 47 महिला उम्मीदवारों को ही टिकट दिया गया है।

यूपी विधानसभा चुनाव: सियासी दलों में नहीं दिखा महिला उम्मीदवारों को टिकट देने का उत्साह
यूपी विधानसभा चुनाव: सियासी दलों में नहीं दिखा महिला उम्मीदवारों को टिकट देने का उत्साह

इंटरनेट डेस्क, नई दिल्ली । उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव का अंतिम चरण यानी सातवें चरण का मतदान बुधावर को हो रहा है। इस चरण में सात जिलों की 40 सीटों पर वोट डाले जा रहे हैं। महिला अधिकारों और उनके प्रतिनिधित्व की बात करनेवाले राजनीतिक दल सिर्फ बयानों तक ही सीमित रहे।

इस दौर में भी महिलाओं की उपेक्षा की गई। चुनाव मैदान में किस्मत आजमा रहे कुल 535 उम्मीदवारों में से 528 का आकलन किया गया। इनमें सिर्फ 47 महिला उम्मीदवारों को ही टिकट दिया गया है।

उत्तर प्रदेश में 1952 से लेकर अबतक 15 बार विधानसभा के चुनाव हुए हैं। निर्वाचन आयोग के आंकड़ों का विश्लेषण किया जाए तो अबतक इन चुनावों में महिलाओं का प्रतिनिधित्व सिर्फ 4.40 प्रतिशत ही रहा।

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यूपी चुनाव में सातवें चरण में महिला नेताओं को टिकट देने की दलगत स्थिति।

इस चरण में कुल महिला उम्मीदवार 47 हैं। इस लिहाज से भारतीय जनता पार्टी ने सबसे ज्यादा 7 महिलाओं को मैदान में उतारा है। वहीं बसपा ने 4, सपा ने 3 उम्मीदवारों को टिकट दिया है। दूसरी तरफ रालोद और कांग्रेस ने किसी भी महिला प्रत्याशी को टिकट नहीं दिया है। अन्य छोटे दलों ने 19 महिलाओं को मैदान में उतारा है। निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में14 महिलाएं मैदान में हैं।

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