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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 13, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

संसद पर हुए हमले की 14वीं बरसी पर पीएम मोदी ने शहीदों को दी श्रद्धांजलि

By Lalit RaiEdited By:
Published: Sun, 13 Dec 2015 09:14 AM (IST)Updated: Sun, 13 Dec 2015 06:12 PM (IST)

संसद पर हुए हमले की 14वीं बरसी पर पीएम नरेंद्र मोदी और पूर्व पीएम मनमोहन सिंह ने आज शहीदों को ...और पढ़ें

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नई दिल्ली। संसद पर हुए हमले की 14वीं बरसी पर पीएम नरेंद्र मोदी और पूर्व पीएम मनमोहन सिंह ने आज शहीदों को श्रद्धांजलि दी। भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने संसद पर हुए हमले में मारे गए लोगों के परिजनों से मुलाकात की।उन्होंने कहा कि वह दिन अविस्मरणीय है। आतंकवाद से लड़ने के लिए भारत की प्रतिबद्धता को मजबूत करता है।

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने शहीदों को श्रद्धांजलि दी और कहा कि देश को उनकी शहादत पर गर्व है। आज ही के दिन 13 दिसंबर, 2001 को आतंकियों ने संसद को निशाना बनाया था। इस घटना को याद कर सिहरन सी दौड़ जाती है। इस आतंकी घटना को भूल पाना बेहद ही मुश्किल है।

जैश-ए-मोहम्मद के पांच आतंकियों ने संसद पर हमला कर दिया था। इस हमले में आठ सुरक्षाकर्मी शहीद हुए थे और संसद के एक कर्मचारी की भी मौत हो गई थी। आतंकी हमले के दौरान कई केंद्रीय मंत्री और सांसद समेत करीब 200 लोग संसद में मौजूद थे। आतंकी वारदात में शहीद हेड कॉन्सटेबल के परिवार ने मृतकों की आत्मा की शांति के लिए यज्ञ किया।

13 दिसंबर, 2001 को रोज की तरह संसद की कार्यवाही चल रही थी। दोनों सदन गोलीबारी से करीब 40 मिनट पहले ही स्थगित हुए थे। इसी बची सुबह करीब 11.25 पर एके-47 बंदूकों और हैंड ग्रेनेड से लैस पांच आतंकियों ने हमला बोल दिया।

देखें तस्वीरें: संसद पर हुए हमले के शहीदों को श्रद्धांजलि

आतंकियों का सामना करते हुए दिल्ली पुलिस के पांच जवान, सीआरपीएफ की एक महिला कांस्टेबल और संसद के दो गार्ड शहीद हुए और 16 जवान इस मुठभेड़ में घायल हुए। लोकतंत्र के इस मंदिर में कोई आंच न आए, इसलिए उन्होंने अपनी जान की बाजी लगा दी और सभी आतंकियों को मार गिराया।

संसद हमले के मास्टरमाइंड अफजल गुरु को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया था। सुप्रीम कोर्ट ने 4 अगस्त, 2005 को अफजल गुरु को फांसी की सजा सुनाई थी। अदालत ने 20 अक्टूबर, 2006 को अफजल को फांसी देने का आदेश दिया था। लेकिन 3 अक्टूबर, 2006 को अफजल की पत्नी तब्बसुम ने राष्ट्रपति के पास दया याचिका दाखिल कर दी। 3 फरवरी, 2013 को राष्ट्रपति ने अफजल की दया याचिका खारिज की और 9 फरवरी, 2013 को अफजल गुरु को दिल्ली की तिहा‌ड़ जेल में फांसी पर लटका दिया गया।

आप को बताते हैं कि 13 दिसंबर की कुछ ऐसी घटनाओं को जिसने विश्व के इतिहास को पूरी तरह बदल दिया


1232- गुलाम वंश के शासक इल्तुतमिश ने ग्वालियर पर कब्जा किया.

1981- पोलैंड में आपात काल की घोषणा हुई.

1996- कोफी अन्नान संयुक्त राष्ट्र के महासचिव चुने गए.

2001- भारतीय संसद पर आतंकवादियों ने हमला कर दिया.

2003- भूतपूर्व इराकी राष्ट्रपति सद्दाम हुसैन को उनके गृह नगर टिगरीट के निकट गिरफ्तार कर लिया गया

संसद पर हमले की रची जा रही थी एक और साजिश ?