विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 07, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

J&K: सरकार बनने की सुगबुगाहट तेज, PDP विधायक दल की बैठक आज

By kishor joshiEdited By:
Published: Mon, 07 Mar 2016 12:17 AM (GMT+05:30)Updated: Mon, 07 Mar 2016 08:11 AM (GMT+05:30)

पीडीपी के विधायक दल की बैठक आज - श्रीनगर में आज पीडीपी के विधायक दल की बैठक होगी। इस बैठक ...और पढ़ें

News Article Hero Image

श्रीनगर। पीडीपी के विधायक दल की बैठक आज - श्रीनगर में आज पीडीपी के विधायक दल की बैठक होगी। इस बैठक के बाद जम्मू – कश्मीर में सरकार बनाने को लेकर औपचारिक घोषणा भी हो सकती है। बैठक सुबह 11 बजे होगी। पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती भी रविवार को जम्मू संभाग के तीन दिवसीय दौरे के बाद श्रीनगर लौट आईं हैं। आज उन्होंने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और विधायकों की एक बैठक भी बुलाई है, जिसमें सरकार गठन पर मंथन होने की पूरी संभावना है। इस बीच, भाजपा उपाध्यक्ष अविनाश राय खन्ना ने एजेंडा ऑफ एलायंस के क्रियान्वन के लिए अपनी प्रतिबद्धता जताते हुए कहा कि सरकार के गठन की पहल पीडीपी को ही करनी होगी।

पढ़़ें: जम्मू-कश्मीर : राज्यपाल से मिलीं महबूबा, सरकार बनाने पर की चर्चा

श्रीनगर पहुंचने के बाद महबूबा ने कथित तौर पर सांसद मुजफ्फर हुसैन बेग के साथ फोन पर चर्चा की। इसके अलावा महबूबा के वरिष्ठ नेता सरताज मदनी और पूर्व मंत्री अल्ताफ बुखारी से भी बातचीत की सूचना है। सूत्रों ने बताया कि उन्होंने सोमवार को अपने निवास पर विधायक दल की बैठक बुलाई है, लेकिन इस बैठक का समय रविवार देर शाम तक तय नहीं हुआ था। सूत्रों ने बताया कि सोमवार को महबूबा का कुपवाड़ा दौरे का भी कार्यक्रम है। ऐसे में यह बैठक स्थगित या फिर तड़के या देर शाम भी हो सकती है।

इस बीच, भाजपा उपाध्यक्ष अविनाश राय खन्ना से सपंर्क करने पर उन्होंने कहा कि हम एजेंडा ऑफ एलांयस को लेकर पूरी तरह गंभीर हैं। हमने पीडीपी के साथ सरकार के गठन पर अपना स्टैंड स्पष्ट कर दिया है। अगर सरकार बनानी है तो पीडीपी को ही पहल करनी होगी। पीडीपी पहले अपना विधायक दल का नेता चुने। जम्मू-कश्मीर को वित्तीय मदद के लिए ही तो गत नवंबर में 80 हजार करोड़ का पैकेज दिया गया है, कई विकास योजनाएं भी शुरू की गई हैं। जलविद्युत परियोजनाओं की वापसी, अफस्पा और सुरक्षाबलों की तैनाती में कटौती जैसे मुद्दे भाजपा-पीडीपी के बीच के नहीं हैं बल्कि यह राज्य व केंद्र सरकार के स्तर पर हल होने वाले मुद्दे हैं। इसलिए पहले जम्मू-कश्मीर में सरकार बने और वह इन मुद्दों पर केंद्र से बात करे।