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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 10, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

कश्मीर में प्रदर्शनकारियों से निपटने के लिए और तेज होगा मिर्ची बम

By Rajesh KumarEdited By:
Published: Mon, 10 Oct 2016 10:24 PM (IST)Updated: Tue, 11 Oct 2016 03:20 AM (IST)

केन्द्र पावा शेल्स (पेलरगोनिक एसिड वानिलयलामाइड) में कुछ और बदलाव करने जा रहा है ताकि इसके असर को और तेज किया जा सके।

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नई दिल्ली, प्रेट्र/एएनआई। कश्मीर में प्रदर्शनकारियों पर पैलेट गन के घातक असर के बाद उसकी जगह पर लाए गए पावा शेल्स (PAWA) यानि मिर्च पाउडर के गोले उतने कारगर नहीं हो रहे है जितने की उम्मीद की गई थी। ऐसे में आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, केन्द्र पावा शेल्स (पेलरगोनिक एसिड वानिलयलामाइड) में कुछ और बदलाव करने जा रहा है ताकि इसके असर को और तेज किया जा सके।


सूत्रों के मुताबिक, सीआरपीएफ ने पावा शेल्स को लेकर अपने आंकलन में बताया कि यह प्रदर्शनकारियों को पूरी तरह से रोकने या फिर उन्हें डराने में पर्याप्त साबित नहीं हो पा रहा है। उसकी वजह ये है कि खुद पिघल जाने वाले ये शेल्स पिघलने में काफी वक्त ले लेते हैं और इसका नतीजा यह होता है कि प्रदर्शनकारी तुंरत इसे उठाकर वापस सुरक्षाबलों की ओर फेंक देते हैं। ग्वालियर में स्थित बॉर्डर सिक्यॉरिटी फोर्स (BSF) की टियर स्मोक यूनिट से इन विसंगतियों को ठीक करने और बदलाव के बाद ताजा शेल्स भेजने को कहा गया है।