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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 28, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

मिर्ची बम की कमियां दूर करने पर हो रहा है विचार

By Manish NegiEdited By:
Published: Wed, 28 Sep 2016 11:24 PM (IST)Updated: Thu, 29 Sep 2016 03:09 AM (IST)

पैलेट गन के विकल्प के तौर पर इस्तेमाल किए गए मिर्ची बम कुछ खास प्रभाव नहीं दिखा रहा है। मिर्ची ...और पढ़ें

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नई दिल्ली, प्रेट्र। कश्मीर में उपद्रवी भीड़ पर नियंत्रण के लिए पैलेट गन के विकल्प के तौर पर इस्तेमाल किए गए मिर्ची बम (पावा शेल) की कमियां दूर करने पर विचार किया जा रहा है। कई कमियां रहने से इनका प्रभावी इस्तेमाल नहीं हो सका।

अधिकारियों ने कहा कि जम्मू एवं कश्मीर में सीआरपीएफ ने बताया कि मिर्च पाउडर आधारित पावा शेल प्रदर्शनकारियों को रोकने में पूरी तरह से सक्षम नहीं हैं। उनका कहना है कि इस्तेमाल के बाद असर दिखाने में समय लगता है। इसका लाभ लेते हुए प्रदर्शनकारी उसे तेजी से वापस फेंकने में कामयाब हो जाते हैं। सुरक्षा बलों का कहना है कि विस्फोट के बाद शेल से उठने वाले मिर्च के धुएं का प्रभाव बढ़ाने की जरूरत है।

अधिकारियों ने कहा कि सीमा सुरक्षा बल की ग्वालियर स्थित आंसू गैस इकाई को कमियां दूर करने को कहा गया है। इसके बाद ही मिर्ची बम की नई खेप भेजने का निर्देश दिया गया है।

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