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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 06, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

NIA का खुलासा, मोदी सरकार और संघ के खिलाफ दाऊद ने रची थी साजिश

By Rajesh KumarEdited By:
Published: Fri, 06 May 2016 03:58 AM (IST)Updated: Fri, 06 May 2016 09:54 AM (IST)

राष्ट्रीय जांच एजेंसी एनआइए ने खुलासा किया है कि मोदी सरकार के साल 2014 में सत्ता में आऩे के बाद ...और पढ़ें

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नई दिल्ली (टीओआई)। राष्ट्रीय जांच एजेंसी(एनआईए) ने दावा किया है कि अंडरवर्ल्ड डॉन और मुंबई हमले के मास्टरमाइंड दाऊद इब्राहिम ने मोदी सरकार को पंगु बनाने के लिए दंगे की साजिश रची थी। जांच एजेंसी के मुताबिक की डी-कंपनी की साजिश भारत में धार्मिक नेताओं, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) के नेताओं और चर्च पर हमले कर आपसी सदभाव बिगाड़ देश में सांप्रदायिक हिंसा फैलाने की थी।

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एनआईए इस बारे में एक चार्जशीट डी-कंपनी के उन 10 लोगों के खिलाफ शनिवार को दायर करने जा रही, जिन्हें भारत में साल 2014 में मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद साम्प्रदायिक हिंसा फैलाने, आरएसएस के नेताओं और चर्च पर हमले की जिम्मेदारी दी गई थी।

एक बड़े सुनियोजित षड्यंत्र के तहत डी-कंपनी के शार्ट शूटरों ने दो आरएसएस नेता शिरिष बंगाली और प्रग्नेश मिस्त्री की गुजरात के भरुच में 2 नवंबर 2015 को हत्या कर दी थी। जब शूटर्स गिरफ्तार किए गए तो उन्होंने ये दावा किया कि 1993 मुंबई सीरियल ब्लास्ट के दोषी याकूब मेमन को दी गई फांसी का बदला लेने के लिए ही उन्होंने आरएसएस नेताओं की हत्या की थी।

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हालांकि, जांच में इस एनआईए को इस बात का पता चला कि डी-कंपनी के सदस्य पाकिस्तानी जावेद चिकना और साउथ अफ्रिकी जाहिद मियां उर्फ ‘जाओ’ सिर्फ हिंदू नेताओं को मारने का ही मास्टमाइंड नहीं थे बल्कि उनकी साजिश यहां के धार्मिक नेताओं और चर्च पर हमला करने की भी योजना थी ताकि भारत में ज्यादा से ज्यादा सांप्रदायिक दंगे भड़क सके। उन लोगों ने बीजेपी-आरएसएस सदस्य के नामों की सूची तक तैयार कर रखी थी।

एनआईए ने हाल में ही इंटरपोल से पाकिस्तान में चिकना के बारे में पता लगाने और उसे गिरफ्तार कर भारत को देने को कहा है। इसके साथ ही इस बारे में पाकिस्तान, नेपाल, साऊथ अफ्रीका, सउदी अरबिया, यूएई और अमेरिका को न्यायिक अनुरोध और पारस्परिक कानूनी सहायता संधि(म्युचुअल लीगल असिस्टेंस ट्रिटी) यानि एमएलएटी अनुरोध भेज दिया है।

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टाइम्स ऑफ इंडिया ने सूत्रों के हवाले से लिखा है कि एनआईए चार्जशीट में डी-कंपनी के जिन 10 लोगों का नाम डालेगी उनमें से सात लोगो को पिछले साल गिरफ्तार किया गया था। ये हैं- हाजी पटेल, मोहम्मद यूनुस शेख, अब्दुल समद, अबिद पटेल, मोहम्मद अल्ताफ, मोहसिन खान और निसार अहमद। आबिद पटेल के बारे में कहा जा रहा है कि वो जावेद चिकना का भाई है और उसे 50 लाख रूपये शिरिष बंगाली और प्रग्नेश मिस्त्री की हत्या के लिए दिए गए थे।

सूत्रों के मुताबिक, शनिवार को दायर किए जानेवाली इस चार्जशीट में जावेद चिकना और जाहिद मियां का नाम भी शामिल किया जाएगा। लेकिन, दाऊद का नाम फिलहाल इस चार्जशीट के अंदर नहीं होगा। अगर उसके शामिल होने की कोई सबूत मिलता है तो अलग से दाखिल होने वाली चार्जशीट में उसका नाम दिया जाएगा।

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