विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 05, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

देश का गलत नक्शा दिखाने पर होगा 100 करोड़ तक का जुर्माना और जेल

By Kamal VermaEdited By:
Published: Thu, 05 May 2016 09:34 PM (IST)Updated: Fri, 06 May 2016 02:51 PM (IST)

भारत के गलत नक्‍शे दिखाने वालों पर अब सरकार पूरी तरह से लगाम लगाने पर विचार कर रही है। इसके ...और पढ़ें

News Article Hero Image

नई दिल्ली। अब भारत के नक्शे को गलत दिखाने वालों की खैर नहीं। ऐसा करने वालों अब 100 करोड़ रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। इतना ही नहीं ऐसा करने वालों को सात वर्ष की कैद भी हो सकती है। हाल की कुछ घटनाओं से सबक लेते हुए केंद्र सरकार इस तरह के मामले में सख्त रुख अपनाने पर विचार कर रही हैै।

पढ़ें: उत्तराखंड: राष्ट्रपति शासन का फैसला रद कर इतिहास रचने वाले जज का तबादला

गौरतलब है कि हाल में ही कुछ सोशल नेटवर्किंग साइट्स ने जम्मू कश्मीर और अरुणाचल प्रदेश को पाकिस्तान और चीन के भाग के तौर पर दर्शाया गया था। वहीं दूसरी ओर ऐसा ही कुछ ट्विटर पर भी देखने को मिला था जब इसमें कश्मीर को चीन का और जम्मू को पाकिस्तान का भाग बताया गया था। उस वक्त भारत सरकार ने इस पर कड़ा एतराज जताया था जिसके बाद ट्विटर ने इसे अपनी गलती मानते हुए इसमें तुरंत सुधार भी किया था।

'द जियोस्पेशल इंंफॉर्मेशन रेग्यूलेशन बिल 2016' में कहा गया है कि भारत से जुड़ी कोई भी भौगोलिक जानकारी हासिल करने, प्रसारित करने, पब्लिश करने और वितरित करने से पहले सरकारी ऑथरिटी से ऐसा करने की अनुमति लेनी होगी। साथ ही इसमें यह भी कहा गया है कि किसी भी व्यक्ति को इंटरनेट प्लेटफॉर्म, ऑनलाइन सर्विसेज या किसी भी इलेक्ट्रॉनिक फोर्म में अंतरराष्ट्रीय सीमा सहित भारत की भौगोलिक स्थिति की जानकारी को गलत तरीके से प्रसारित, पब्लिश और वितरित नहीं करना चाहिए। अगर कोई भी कानून का उल्लंंघन करता है और भारत की भौगोलिक स्थिति की गलत जानकारी देता है तो उस पर एक करोड़ रुपये से लेकर 100 करोड़ रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। इसके साथ ही उसे सात साल की सजा भी हो सकती है।

पढ़ें: मोदी सरकार को पंगु बनाने के लिए दाऊद ने रची थी दंगे की साजिश

इस तरह की हरकतों को रोकने के लिए सरकार एक सिक्योरिटी जांच अॉॉथरिटी बनाने पर भी विचार कर रही है। इसके जरिए सरकार तय वक्त में नियमों के मुताबिक इस तरह की घटनाओं की जांच करेगी। इसमें भारत सरकार के वरिष्ठ अधिकारी के साथ दो सदस्य भी होंगे।