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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 01, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

बसपा, भाकपा और राकांपा का राष्ट्रीय दल का दर्जा खतरे में

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Published: Tue, 01 Jul 2014 06:17 AM (IST)

हाल में संपन्न लोकसभा चुनावों में भाजपा के आगे अन्य राष्ट्रीय दलों के खराब प्रदर्शन से उनका वजूद ही खतरे ...और पढ़ें

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नई दिल्ली। हाल में संपन्न लोकसभा चुनावों में भाजपा के आगे अन्य राष्ट्रीय दलों के खराब प्रदर्शन से उनका वजूद ही खतरे में पड़ गया है। चुनाव आयोग ने ऐसे तीन राष्ट्रीय दलों बहुजन समाज पार्टी [बसपा], भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी [भाकपा] और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी [राकांपा] को दो हफ्ते पहले ही कारण बताओ नोटिस जारी कर पूछा है कि उनका राष्ट्रीय दल का दर्जा क्यों नहीं वापस ले लिया जाए?

ज्ञातव्य है कि राष्ट्रीय दल को कम से कम चार राज्यों में कुल पड़े वोट का छह फीसद पाना जरूरी है या लोकसभा की कुल सीटों का कम से कम तीन राज्यों से दो फीसद सीटें होनी चाहिए। ऐसा नहीं होने पर कम से कम चार राज्यों में राज्य दल के रूप में मान्यता होनी चाहिए। इस बार लोकसभा चुनाव में बसपा का खाता भी नहीं खुला था। इन तीन दलों के अलावा भारत में भाजपा, कांग्रेस और माकपा को राष्ट्रीय दल का दर्जा प्राप्त है।

राकांपा ने सोमवार को राष्ट्रीय दल का रुतबा गंवाने के खतरे से इन्कार किया है। पार्टी के प्रवक्ता नवाब मलिक ने कहा कि आयोग को नोटिस का जवाब दे दिया गया है। सुनवाई का मौका मिला तो और विस्तार से बताया जाएगा।

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