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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 14, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

महिला अधिकारियों को युद्धक भूमिका में नहीं उतारेगी नौसेना

By anand rajEdited By:
Published: Wed, 14 Oct 2015 06:58 PM (IST)Updated: Wed, 14 Oct 2015 07:26 PM (IST)

समुद्री टोही विमान का पायलट बनाने पर विचार कर रही सरकार, धवन बोले, नौसेना में महिलाओं की भूमिका किसी से कमतर नहीं।

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नई दिल्ली। केंद्र सरकार द्वारा महिलाओं को सेना में लड़ाकू भूमिका सौंपने को लेकर चल रही तैयारियों के बीच नौसेना ने कहा है कि उसके पास इस तरह का कोई प्रस्ताव नहीं है। नौसेनाध्यक्ष एडमिरल आरके धवन ने बुधवार को कहा कि हमें अपनी महिला अधिकारियों पर गर्व है। लेकिन उन्हें युद्धक भूमिका में उतारने की कोई योजना नहीं है।

हालांकि महिलाओं को और बड़ी भूमिका देने के उद्देश्य से उन्हें समुद्री टोही विमान का पायलट बनाने पर विचार किया जा रहा है। पत्रकारों से बात करते हुए धवन ने कहा कि नौसेना में महिलाएं कई तरह के काम कर रही हैं। हवाई यातायात नियंत्रक से लेकर, विमानों की निगरानी, प्रशिक्षण, कानूनी मसले और जलपोतों के निर्माण से जुड़े कई काम उनके पास हैं।

इसलिए यह कहना गलत होगा कि हम किसी को पीछे रख रहे हैं। पत्रकारों ने उनसे पूछा था कि क्या नौसेना भी महिलाओं को लड़ाकू भूमिका देने जा रही है, क्योंकि अगले साल होने वाले इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू में कई देशों के जलपोतों की कमान महिलाओं के हाथ में होगी।

धवन ने कहा कि नौसेना में महिलाओं की भूमिका बढ़ाने के बारे में विचार किया जा रहा है। हमने यह मुद्दा रक्षा मंत्रालय के साथ उठाया है। एक प्रस्ताव यह भी है कि किस तरह महिलाओं को समुद्री टोही विमान के पायलट के तौर पर शामिल किया जाए। सरकार इस पर गंभीरता से विचार कर रही है।

उल्लेखनीय है कि वायु सेना महिला पायलटों को लड़ाकू भूमिका सौंपने पर विचार कर रही है। रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने भी कहा है कि सेना में महिलाओं को युद्धक भूमिका सौंपने पर जल्द फैसला लिया जाएगा।