यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 10, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
पाक का गिरफ्तार आतंकी नावेद एक सप्ताह के पुलिस रिमांड पर
पाकिस्तानी आतंकी नावेद को राष्ट्रीय जांच एजेंसी एनआइए फिलहाल अपने साथ दिल्ली नहीं लेकर जाएगी। वह अगले एक सप्ताह तक ...और पढ़ें

श्रीनगर। पाकिस्तानी आतंकी नावेद को राष्ट्रीय जांच एजेंसी एनआइए फिलहाल अपने साथ दिल्ली नहीं लेकर जाएगी। वह अगले एक सप्ताह तक कश्मीर में राज्य पुलिस और एनआइए की संयुक्त निगरानी में पुलिस रिमांड पर रहेगा। नवेद से एनआईए की पूछताछ अभी भी जारी है। संभव है नवेद की कस्टडी के लिए जम्मू कश्मीर पुलिस आज कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाये।
इस बीच, पुलिस ने उसकी मदद करने के आरोप में तीन और स्थानीय लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया, लेकिन उसे ऊधमपुर पहुंचाने वाले ट्रक चालक शौकत व क्लीनर खुर्शीद के अलावा फैयाज इटटु और कासिम को पांच लाख देने वाला व्यापारी पुलिस की पकड़ से अभी भी दूर है।
पाक आतंकी कासिम के दस बड़े खुलासे
बुधवार को ऊधमपुर के पास श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग पर लश्कर के आतंकियों ने बीएसएफ के काफिले पर हमला किया था। इस हमले में दो बीएसएफ कर्मी शहीद व 14 अन्य जख्मी हुए थे। जवाबी कार्रवाई में एक आतंकी मारा गया जबकि दूसरे आतंकी नावेद याकूब को ग्रामीणों ने पकड़ लिया था।
नावेद ने पूछताछ में कई अहम खुलासे किए हैं। उसे शुक्रवार की देर रात गए जम्मू से श्रीनगर लाया गया था। उसके खुलासों के आधार पर ही पुलिस ने शनिवार को आठ लोगों को पकड़ा था। अधिकारियों ने रविवार को पूछताछ के लिए तलब किए गए तीन लोगों के नामों का खुलासा किए बगैर कहा कि इन्हें नावेद ने पहचाना है।
फिलहाल, हम इनकी पूरी भूमिका का पता लगा रहे हैं।
शौकत उर्फ सेठा व उसके क्लीनर खुर्शीद के अलावा लालचौक के एक व्यापारी को पकडऩे के लिए उनके ठिकानों पर दबिश दी गई। नावेद से मिले सुरागों के आधार पर ख्रियु में एक आतंकी ठिकाने पर दबिश दी गई, लेकिन आतंकी उसे खाली कर चुके थे। उसे एलओसी पर भी लिया जाना है। इसके अलावा उसके द्वारा बताए गए सभी घरों और कस्बों की पहचान कराई जा रही है।
काकपोरा में उसे शरण देने वाले ओवरग्राऊंड वर्करों की शिनाख्त परेड भी लंबित है। इस बीच, पुलिस ने रविवार सुबह नावेद को विशेष जज के सामने पेश कर कश्मीर में आतंकी नेटवर्क के खिलाफ जांच में उसकी जरूरत बताते हुए सात दिन का रिमांड हासिल किया।
संबंधित सूत्रों ने बताया कि एनआइए चाहती थी कि उसे नावेद आज ही ट्रांजिट रिमांड पर मिल जाता। लेकिन राज्य पुलिस इसके लिए नहीं मानी। राज्य पुलिस महानिदेशक के राजेंद्रा पहले ही दिन से एनआइए को ऊधमपुर हमले की जांच सुपुर्द किए जाने के खिलाफ थे।
