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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 25, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

चंदा देने वालों की जानकारी नहीं देना चाहते राष्ट्रीय दल

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Published: Wed, 25 Jun 2014 10:12 PM (IST)

चुनाव आयोग की बाध्यताओं के बावजूद राष्ट्रीय राजनीतिक पार्टियों ने वित्तीय वर्ष 2012-13 के दौरान 20 हजार रुपये से अधिक ...और पढ़ें

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नई दिल्ली। चुनाव आयोग की बाध्यताओं के बावजूद राष्ट्रीय राजनीतिक पार्टियों ने वित्तीय वर्ष 2012-13 के दौरान 20 हजार रुपये से अधिक का चंदा देने वालों के नाम अब तक सार्वजनिक नहीं किए हैं। एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफा‌र्म्स (एडीआर) की रिपोर्ट के अनुसार, उक्त अवधि में राष्ट्रीय पार्टियों ने 703 लोगों से 11.14 करोड़ रुपये चंदे के रूप में लिए। पार्टियों की ओर से जमा किए गए दस्तावेजों में उन 43 लोगों के नाम व पते की जानकारी भी नहीं दी गई है, जिन्होंने 29 लाख रुपये चंदे में दिए।

रिपोर्ट के अनुसार, भाजपा, कांग्रेस, माकपा, भाकपा, बसपा और राकांपा ने 10.84 करोड़ रुपये का चंदा देने वाले 655 लोगों की जानकारी नहीं दी है। निर्वाचन आयोग ने 20 हजार से अधिक का चंदा देने वालों के नाम, पते और स्थायी खाता संख्या (पैन) की जानकारी देना राजनीतिक पार्टियों के लिए आवश्यक कर दिया है। इसके बावजूद राजनीतिक दल आयोग के इस नियम पर कोई ध्यान ही नहीं दे रहे हैं, जबकि 20 हजार रुपये से अधिक का चंदा देने वाले 3,777 लोगों से इन राष्ट्रीय पार्टियों के खाते में 99.14 करोड़ रुपये की राशि जमा हुई है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि कुल 3,775 दानदाताओं में 2371 ने अपने पैन की जानकारी नहीं दी। इन लोगों ने राष्ट्रीय पार्टियों को 37.64 करोड़ रुपये का चंदा दिया था। इस सूची में भाजपा शीर्ष पर थी। उसे 1,670 लोगों ने 25.99 करोड़ रुपये का चंदा दिया। इनमें किसी ने भी अपने पैन का खुलासा नहीं किया।

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