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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 17, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार से नवाजे जाएंगे 25 बच्चे

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Published: Fri, 17 Jan 2014 08:42 PM (IST)Updated: Fri, 17 Jan 2014 08:44 PM (IST)

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नई दिल्ली, जासं। मुसीबत के समय डरने के बजाय परिस्थितियों का डटकर सामना करने वाले देशभर के 25 बहादुर बच्चों [16 लड़के व 9 लड़कियों] को वर्ष 2013 के राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार के लिए चुना गया है। इसमें से पांच बच्चों को मरणोपरांत यह पुरस्कार दिया जाएगा। गणतंत्र दिवस से पहले 24 जनवरी को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह सभी को पुरस्कृत करेंगे। पुरस्कार हासिल करने और गणतंत्र दिवस की परेड में शामिल होने के लिए सभी बच्चे दिल्ली पहुंच गए हैं और 27 जनवरी तक यहीं रहेंगे।

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दिल्ली में यमुना विहार निवासी आठ वर्षीय महिका गुप्ता को वीरता पुरस्कार श्रेणी के सर्वश्रेष्ठ 'भारत' अवॉर्ड से सम्मानित किया जाएगा। जयपुर की मलाइका सिंह टांक [15] को 'गीता चोपड़ा' अवॉर्ड तो महाराष्ट्र के जलगांव निवासी शुभम संतोष चौधरी [16] को 'संजय चोपड़ा' अवॉर्ड के लिए चुना गया है। उत्तर प्रदेश की मौसमी कश्यप [10], आर्यन राज शुक्ला [13], महाराष्ट्र के संजय नवसु सुतार [17], अक्षय जयराम रोज [13]) व तन्वी नंदकुमार ओव्हाल [7] को मरणोपरांत 'बापू गैधानी' अवॉर्ड से नवाजा जाएगा। इनके अतिरिक्त हिमाचल प्रदेश की शिल्पा शर्मा [14], मध्य प्रदेश के सौरभ चंदेल [13] और छत्तीसगढ़ के अभिषेक एक्का [13] को भी मरणोपरांत यह सम्मान दिया जाएगा।

इंडियन काउंसिल फॉर चाइल्ड वेलफेयर [आइसीसीडब्ल्यू] की तरफ से शुक्रवार को आयोजित प्रेस वार्ता में संस्था की अध्यक्ष गीता सिद्धार्थ ने बताया कि भारत अवॉर्ड विजेता को 50 हजार, गीता चोपड़ा व संजय चोपड़ा अवॉर्ड विजेता को 40 हजार जबकि बापू गैधानी अवॉर्ड विजेता को 20 हजार रुपये, प्रशस्ति पत्र व मेडल प्रदान किया जाएगा। इसके अलावा बच्चों को बेहतर शिक्षा के लिए इंदिरा गांधी छात्रवृत्ति और मेडिकल, इंजीनियरिंग जैसी उच्च शिक्षा के लिए आर्थिक मदद दी जाएगी। मरणोपरांत बच्चों की सुविधाएं उनके भाई-बहनों के लिए हैं। राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार वर्ष 1957 से हर साल दिया जा रहा है। अब तक कुल 871 बहादुर बच्चों को यह पुरस्कार मिल चुका है। इनमें 618 लड़के तथा 253 लड़कियां शामिल हैं।

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