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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 22, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

मोदी सरकार में हिंदूवादी ताकतों के हौसले बुलंद

By Sanjay BhardwajEdited By:
Published: Sun, 22 Mar 2015 08:30 PM (IST)Updated: Sun, 22 Mar 2015 10:04 PM (IST)

मुसलमानों की सर्वोच्च संस्था आॅल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड का मानना है कि केंद्र में नरेंद्र मोदी की सरकार ...और पढ़ें

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जयपुर [जासं]। मुसलमानों की सर्वोच्च संस्था आॅल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड का मानना है कि केंद्र में नरेंद्र मोदी की सरकार बनने के बाद से हिंदूवादी ताकतों के हौंसले बुलंद हो रहे है और मुसलमान परेशानी महसूस कर रहे हैं।

बोर्ड का मानना है कि मोदी सरकार बनने के बाद ही घर वापसी के कार्यक्रम शुरू हुए। विहिप और संघ के नेता मुसलमानों के खिलाफ जहर उगल रहे हैं। मुसलमानों के खिलाफ सार्वजनिक बयानबाजी करने वाले विहिप नेता अशोक सिंघल, प्रवीण तोगडि़या, साध्वी प्राची और संघ के पदाधिकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होने से मुस्लिम समाज में नाराजगी है।

जयपुर में हो रही दो दिवसीय कांफ्रेंस में पारित किए गए प्रस्तावों की जानकारी देते हुए बोर्ड के सचिव मो. अब्दुल कुरैशी और जफरयाब जिलानी ने बताया कि अपनी मांगों को लेकर फिलहाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने का कोई विचार नहीं है और ना इसके लिए कोई मध्यस्थ है, यदि जरूरत पड़ेगी तो मिलेंगे।

दोनों नेताओं का मानना है कि बाबरी मस्जिद मामले का हल अब सुप्रीम कोर्ट से ही होगा, बातचीत से हल संभव नहीं है। बोर्ड के प्रतिनिधियों ने राजस्थान, मध्य प्रदेश और हरियाणा सरकारों की ओर स्कूलों में सूर्य नमस्कार एवं योग को अनिवार्य करने की आलोचना करते हुए कहा कि तीनों राज्यों की सरकार इस आदेश का वापस ले, कोई भी मुसलमान इसे पसंद नहीं कर रहा।

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