यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 29, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
यूपी में बिजली पर बढ़ा बवाल, वाराणसी में विधायक का अनशन
लखनऊ। तपिश से बेचैन आम आदमी के लिए बिजली की अधाधुंध कटौती ने जीना दूभर कर दिया है। विद्युत दुर्व्यवस्था ...और पढ़ें

लखनऊ। तपिश से बेचैन आम आदमी के लिए बिजली की अधाधुंध कटौती ने जीना दूभर कर दिया है। विद्युत दुर्व्यवस्था के खिलाफ लोगों का गुस्सा उबल पड़ा है। राजधानी लखनऊ, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी समेत कई जिलों में भाजपा कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया।
लखनऊ में बिजली संकट पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को शक्ति भवन पर धरना-प्रदर्शन किया। प्रदेश अध्यक्ष डा.लक्ष्मीकांत वाजपेयी की अगुआई में कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की और एमडी को ज्ञापन सौंपा। वाजपेयी ने मुख्यमंत्री को खुली बहस के लिए भी ललकारा। वाराणसी में भाजपा विधायक श्यामदेव राय चौधरी 'दादा' निर्बाध आपूर्ति की मांग को लेकर तीन दिनों से अनशन पर हैं।
उनकी हालत गुरुवार को और बिगड़ गई। प्रधानमंत्री कार्यालय ने इसे गंभीरता से लिया। आइबी के अधिकारी विधायक से पूरे हालात की जानकारी ली। बिजली विभाग के अधिकारियों ने भी आश्वासन दिया, लेकिन दादा अभी अड़े हैं। पूर्वाचल के अन्य जिलों में भी धरना-प्रदर्शन शुरू हो गया है। गाजीपुर में भाजपा कार्यकर्ताओं ने धरना दिया। ऊर्जाचल कहे जाने वाले सोनभद्र में भी बिजली के लिए हाहाकार है।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राबर्ट्सगंज में धरना दिया। चंदौली में भी लोगों का पारा गरम है। सकलडीहा विद्युत उपकेंद्र पर सुबह ग्रामीणों ने एसएसओ को बंधक बना लिया। सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव के संसदीय क्षेत्र आजमगढ़ में निर्बाध आपूर्ति के आदेश के बावजूद ग्रामीणों से वसूली की जा रही है। जेई पर धनउगाही का आरोप लगा लोग सड़क पर उतर आए और जाम कर दिया। गोरखपुर और बस्ती मंडल के सभी जिले भीषण बिजली कटौती से जूझ रहे हैं।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में ताबड़तोड़ बिजली कटौती को लेकर भाजपाइयों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। आगरा में भाजपाइयों ने जोरदार प्रदर्शन कर धरना दिया। फीरोजाबाद, मैनपुरी और एटा में भी भाजपाइयों ने विरोध हुआ। मेरठ में भाजपाइयों ने नारेबाजी कर कलक्ट्रेट व पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम कार्यालय का घेराव किया।
