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    मोदी का जोर निर्यात बढ़ाने पर, राज्यों के लिए बनेगा ईपीसी

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    Updated: Sun, 17 Aug 2014 07:47 AM (IST)

    राज्यों को भी जल्द ही अपने निर्यात संवर्धन आयोग के गठन की अनुमति दे दी जाएगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह घोषणा करते हुए कहा कि निर्यात में नए सिरे से तेजी लाने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों को मिलकर काम करने की जरूरत है। प्रधानमंत्री मोदी ने विशेष आíथक क्षेत्रों (एसईजेड) की स्थापना में आ रही अड़चनों

    नावा शेवा (महाराष्ट्र)। राज्यों को भी जल्द ही अपने निर्यात संवर्धन आयोग (एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल) के गठन की अनुमति दे दी जाएगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह घोषणा करते हुए कहा कि निर्यात में नए सिरे से तेजी लाने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों को मिलकर काम करने की जरूरत है।

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    प्रधानमंत्री मोदी ने विशेष आíथक क्षेत्रों (एसईजेड) की स्थापना में आ रही अड़चनों को भी तेजी से हटाने की जरूरत पर बल दिया। मोदी ने यहां जवाहरलाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट एसईजेड की आधारशिला रखते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि निर्यात को बढ़ावा देने के लिए हम राज्यों के साथ मिलकर काम करेंगे और राज्य भी निर्यात बढ़ाने के लिए मेहनत करें।

    राज्यों से चर्चा

    मोदी ने कहा कि निर्यात में आ रही बाधाओं की पहचान करने के लिए केंद्र ने हाल ही में राज्यों की एक बैठक बुलाई थी। विदेश व्यापार को स्थानीय स्तर पर बढ़ावा देने के लिए राज्य भी अपने निर्यात संवर्धन आयोग गठित कर सकेंगे। उनका इशारा इस तरफ था कि निर्यात के मामले में राज्य केंद्र सरकार पर निर्भर न रहें।

    राज्यों में भी प्रतिस्पर्धा हो

    प्रधानमंत्री ने कहा कि निर्यात बढ़ाने के लिए राज्य भी आपस में प्रतिस्पर्धा करें और विदेशों में बाजार के विकास पर ध्यान केंद्रित करें। बड़ी संख्या में रुकी पड़ी एसईजेड परियोजनाओं पर चिंता जताते हुए मोदी ने कहा कि इस दिशा में आ रही समस्याओं और उनके समाधान के लिए जल्द ही एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया जाएगा।

    बंदरगाहों से तेज तरक्की

    बंदरगाहों की अच्छी सुविधाओं वाले देशों के तेज आíथक विकास की ओर ध्यान दिलाते हुए मोदी ने कहा कि भारत के तटीय राज्य भी इस चीज का फायदा उठा सकते हैं।

    23 आवेदकों ने कदम खींचे

    इसके पहले महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने कहा कि राज्य में एसईजेड के लिए 146 आवेदन आए थे, लेकिन प्रतिकूल नीतियों के कारण 23 आवेदकों ने अपनी योजना से किनारा कर लिया।

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