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    साथी की पत्नी से अफेयर मामले में बर्खास्त अधिकारी को राहत

    By Sanjeev TiwariEdited By:
    Updated: Thu, 20 Oct 2016 10:43 PM (IST)

    इस तरह के प्रसंगों से सेना की छवि को नुकसान पहुंचता है। ऐसे में इन्हें रोकने को पर्याप्त कदम उठाए जाने चाहिए। ...और पढ़ें

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    जयपुर(जेएनएन) । जोधपुर स्थित एयरफोर्स बेस में साथी अधिकारी की पत्नी के साथ अफेयर के मामले में बर्खास्त स्क्वाड्रन लीडर को सैनिक कोर्ट से राहत मिल गई है। कोर्ट ने बर्खास्तगी को रिटायरमेंट में बदल दिया है। इस मामले में सेना की कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी ने अधिकारी को बर्खास्त करने के आदेश दिए थे, लेकिन सैनिक कोर्ट ने फैसले को बदलते हुए कहा कि बर्खास्त करने की तिथि 28 जून, 2013 से वित्तीय लाभ के साथ अधिकारी इशांत शरण की सेवा समाप्त मानी जाए। अब उसे सेवा से बर्खास्त नहीं माना जाएगा।

    यह था मामला

    वायुसेना में स्क्वाड्रन लीडर रहे इशांत शरण का अपने साथी स्क्वाड्रन लीडर की पत्नी आनंदिता दासगुप्ता के साथ अफेयर था। आनंदिता भी स्क्वाड्रन लीडर के पद पर तैनात थीं। दोनों की मुलाकात बरेली में नियुक्ति के दौरान हुई और 2012 में सुखोई के पायलट के रूप में इनकी तैनाती जोधपुर में होने के बाद दोनों में अफेयर हो गया।

    इस दौरान महिला अधिकारी के पति को फेसबुक के जरिये दोनों के रिश्ते का पता चल गया। उधर इशांत की शादी दूसरी जगह तय हो गई। इसके चलते अवसाद में आई आनंदिता ने नवंबर 2012 में खुदकुशी कर ली। पति ने अपनी पत्नी की मौत का जिम्मेदार बताते हुए इशांत के खिलाफ शिकायत दर्ज करा दी। एयरफोर्स ने इस मामले की जांच कराई। सुप्रीम कमांडर व राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद पांच जुलाई, 2013 को उसे सेवा से बर्खास्त कर दिया गया।

    यह कहा सैनिक कोर्ट ने

    मामला सैनिक कोर्ट में गया तो उसने अपने फैसले में कहा कि समाज में काफी बदलाव आए हैं। बड़ी संख्या में महिलाएं एयर फोर्स में शामिल हो रही है। उन्हें पुरुषों के निकट रहकर लंबे समय तक काम करना पड़ता है। ऐसे में हमारी सेना भी समाज में पुरुषों और महिलाओं के बीच रिश्तों में आ रहे बदलाव से अछूती नहीं रह सकती।

    इस तरह के प्रसंगों से सेना की छवि को नुकसान पहुंचता है। ऐसे में इन्हें रोकने को पर्याप्त कदम उठाए जाने चाहिए। इस तरह के संबंधों को बहुत गंभीरता से नहीं लेना चाहिए, जिससे बर्खास्तगी सहित अन्य कड़े कदम उठाने की नौबत आए।

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